Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pauri: 1 अक्टूबर को सभी जनपदों में मनाया जाएगा काला दिवस, पुरानी राष्ट्रीय पेंशन बहाली के लिए लिया गया निर्णय

    By Jagran NewsEdited By: riya.pandey
    Updated: Fri, 29 Sep 2023 02:56 PM (IST)

    राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त माेर्चा के तत्वाधान में आगामी एक अक्टूबर को प्रत्येक जनपद मुख्यालय में नई पेंशन व्यवस्था के विरोध में मोर्चे से ज ...और पढ़ें

    1 अक्टूबर को सभी जनपदों में मनाया जाएगा काला दिवस
    1 अक्टूबर को सभी जनपदों में मनाया जाएगा काला दिवस

    जागरण संवाददाता, पौड़ी। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त माेर्चा के तत्वाधान में आगामी एक अक्टूबर को प्रत्येक जनपद मुख्यालय में नई पेंशन व्यवस्था के विरोध में मोर्चे से जुड़े शिक्षक, कार्मिक प्रदर्शन कर एनपीएस की प्रतिया जलाकर काली पटटी बांध काला दिवस मनाएंगे। इसके अलावा रात्रि आठ बजे से नौ बजे तक सभी कार्मिक अपने घरों में लाइटें बंद रखेंगे। शहर के एक निजी हाेटल में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की बैठक आयोजित हुई।

    अक्टूबर 2005 की नई पेंशन व्यवस्था की गई थी लागू

    इस दौरान मोर्चा के प्रांतीय अध्यक्ष जयदीप रावत ने कहा कि एक अक्टूबर 2005 को नई पेंशन व्यवस्था लागू की थी, जो कार्मिकों के हित में नहीं है। कहा कि इसी के विरोध में राज्य के प्रत्येक जनपद मुख्यालय में एक अक्टूबर को विराेध स्वरूप एनपीएस की प्रतिया फूंक कर काला दिवस के रूप में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने सभी जनपदों में अधिक से अधिक मोर्चे से जुड़े कार्मिकों, शिक्षकों को जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है।

    मोर्चे के प्रांतीय महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर पूर्व में एक अक्टूबर को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच करने का निर्णय लिया गया था। जिसे स्थगित कर अब प्रत्येक जनपद में काला दिवस मनाते हुए प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।

    पुरानी पेंशन बंद कर कार्मिकों के साथ धोखा

    मोर्चे के मंडल संरक्षक जसपाल सिंह रावत ने कहा कि कार्मिक अपने सेवाकाल में पूरी तन्मयता से कार्य करता है। उम्मीद रहती है कि सेवानिवृति के बाद वह अपनी पेंशन के भरोसे अपने परिवार का भरण पोषण करेगा लेकिन पुरानी पेंशन बंद कर कार्मिकों के साथ एक तरफ से धोखा है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें - Uttarakhand: उत्तराखंड में विकास योजनाओं को हर साल मिल रही 1904 हेक्टेयर वन भूमि, अब तक इतनी भूमि हस्तांतरित

    इस मौके पर रहे उपस्थित

    मोर्चे के जिलाध्यक्ष भवान सिंह नेगी ने कहा कि पुरानी पेंशन कार्मिकों का हक है और आगे भी पुरानी पेंशन बहाली के लिए लड़ाई जारी रहेगी। इस मौके पर मोर्चे के प्रदेश प्रवक्ता डा. कमलेश मिश्रा, संतोष खंडूड़ी, संग्राम सिंह नेगी, मनोज डंडरियाल, प्रेम चंद्र ध्यानी आदि मौजूद रहे। 

    यह भी पढ़ें - Nainital News: उत्तराखंड को मिले 100 वन दारोगा व सिपाही, एफटीआइ में ट्रेनिंग पूरी; अब करेंगे जंगलों की सुरक्षा