उत्तराखंड: गढ़वाल विवि में पढ़ाई जाएगी मराठी व उड़िया भाषा, 4 नान CGP विषयों को भी मंजूरी
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय नए सत्र से मराठी और उड़िया भाषाएं पढ़ाएगा, साथ ही एमएससी कंप्यूटर साइंस और ओडीएल कार्यक्रम भी शुरू क ...और पढ़ें

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय।

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जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में नये शिक्षण सत्र से हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के अलावा मराठी व उडिया भाषा भी पढ़ाई जाएगी।
साथ ही एमएसी कंप्यूटर साइंस दो वर्षीय पाठ्यक्रम भी शुरू होगा, जिसमें अलग-अलग वर्ष में कुल 45 सीटें निर्धारित की गई हैं। साथ ही नान सीजीपी में चार विषयों को भी मंजूरी दी गई है।
संत्र 2027-28 से गढ़वाली भाषा को भी शामिल किया जाएगा। गढ़वाल विवि का शिक्षण सत्र 2026-27 आगामी 13 जुलाई से शुरू होगा।
सोमवार को कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एकेडमिक कौंसिल की बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर 18 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें 11 पीएचडी अवार्ड को स्वीकृति देने के साथ ही हित अन्य कई विषयों पर चर्चा के बाद मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि अब गढ़वाल विवि में हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृति भाषा के अलावा मराठी और उड़िया भाषा भी पढा़ई जाएगी। इसके अलावा एग्रीकल्चर बोर्ड आफ स्टडी, मानवाधिकार के साथ ही दो वर्षीय कंप्यूटर साइंस पीजी पाठ्यक्रम को भी मंजूरी दी गई है।
इस पाठक्रम में प्रथम वर्ष में 15 व द्वितीय वर्ष में 30 सीटें निर्धारित की गई हैं। एसी की बैठक् में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रम के व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को शुरू करने की मंजूरी दी गई।
इस कार्यक्रम के तहत बीबीए, एमबीए, बीकाम शामिल है। साथ ही अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, हिंदी, मानवशास्त्र विषय को आनलाइन पाठ्यक्रम मंजूरी के लिए यूजीसी को भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक में कुलपति श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षण सत्र 2027-28 में गढ़वाली भाषा को भी यूजी स्तर पर पढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नान सीजीपी के तहत चार विषयों को भी मंजूरी दी गई। साथ ही बोर्ड आफ स्टडी और स्कूल आफ स्टडी के महत्वपूर्ण बिंदु निर्धारित किये गए।
कुलसचिव वाईपी रैवानी ने बताया कि एसी की बैठक में नये शिक्षण सत्र से बिड़ला कैंपस व चौरास कैंपस में बेहतर शिक्षण व शिक्षणेत्तर गतिविधयों को बढ़ावा देने पर प्रमुखता से चर्चा की गई। बैठक में सभी डीन, विभागाध्यक्ष सहित अन्य मौजूद थे।