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देश की सबसे लंबी रेल सुरंग मार्च तक होगी तैयार, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को मिलेगी रफ्तार

Published: Sun, 04 Jan 2026 07:16 PM (IST)

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की 14.58 किमी लंबी सुरंग मार्च तक पूरी होगी। यह देश की सबसे लंबी रेल सुरंग है, ...और पढ़ें

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सबसे लंबी 14.58 किमी सुरंग का कार्य मार्च तक पूरा होने का लक्ष्य रखा है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सबसे लंबी 14.58 किमी सुरंग का कार्य मार्च तक पूरा होने का लक्ष्य रखा है।

HighLights

  1. देश की सबसे लंबी 14.58 किमी रेल सुरंग मार्च तक पूरी होगी।

  2. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 70% कार्य संपन्न।

  3. पहली बार टीबीएम तकनीक से बनी यह एकमात्र ट्विन-ट्यूब सुरंग।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल: 125 किमी लंबी ब्राड गेज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत परिवहन के क्षेत्र में देश की सबसे लंबी 14.58 किमी सुरंग का कार्य आगामी मार्च तक पूरा होने का लक्ष्य रखा है। इन दिनों सुरंग की लाइनिंग का कार्य जोरों पर चल रहा है। सुरंग के अंदर ट्रैक बिछाने का कार्य भी अगले दो-तीन माह में शुरू हो जाएगा।

Tunnel starting point

70 प्रतिशत कार्य हो चुका है पूरा

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना का करीब 70 प्रतिशत कार्य हो चुका है। इस परियोजना का 83 फीसदी हिस्सा सुरंग से होकर गुजरेगा।

  • देश की सबसे लंबी रेल सुरंग देवप्रयाग से जनासू 14.58 किमी भी शामिल है।
  • कार्यदायी संस्था ने 16 अप्रैल 2025 को इस सुरंग को आर-पार कर दिया था।

srinagar Tunnel News

पहली बार अपनाई टीबीएम तकनीक  

सुरंग का निर्माण टनल बोरिंग मेर्थर्ड (टीबीएम) से किया गया। यही नहीं, पहली बार सुरंग निर्माण में टीबीएम तकनीक अपनाई गई। 9.11 मीटर व्यास वाली सिंगल शील्ड राक टीबीएम से सुरंग को रिकार्ड समय में आर-पार किया गया।

Boaring Machin

जर्मनी से मंगाई थी विशेष बोरिंग मशीन 

इस मशीन को शक्ति नाम दिया गया था, जिसने प्रतिमाह औसतन 413 मीटर की गति से सुरंग का निर्माण किया। इसके अलावा इस सुरंग निर्माण के लिए जर्मनी से भी आरवीएनएल ने विशेष बोरिंग मशीन भी मंगाई थी।

Heavy Machine

यह है एक मात्र ट्विन ट्यूब सुरंग 

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में यह एक मात्र ट्विन ट्यूब सुरंग है। यहां अप और डाउन दोनों ओर से ट्रेन चलेंगी। अन्य सुरंगों में सिर्फ एक ही लाइन है। दूसरी तरफ देवप्रयाग से जनासू रेलवे स्टेशन का आधा हिस्सा सुरंग के अंदर व आधा हिस्सा खुले आसमान के नीचे होगा।

Main Tunnel

देवप्रयाग से जनासू तक रेल परियोजना की सबसे लंबी सुरंग जो 14.58 किमी लंबी है, का कार्य आगामी मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन दिनों लाइनिंग कार्य जोरों पर किया जा रहा है। साथ ही अन्य कार्य भी गतिमान है। अभी तक त्रषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

ओपी मालगुडी, उप महाप्रबंधक, सिविल, रेल विकास निगम

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