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    उत्तराखंड के पौड़ी में गुलदार का हमला, बुजुर्ग की मौत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

    Updated: Sat, 16 May 2026 08:41 PM (IST)

    पौड़ी के कमंद गांव में गुलदार के हमले में एक बुजुर्ग की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सुरक्षा बढ़ाने, पीड़ित परिवार को नौकरी औ ...और पढ़ें

    पौड़ी के कमंद गांव में घटना स्थल के समीप डीएफओ गढ़वाल के सामने आक्रोश जताते ग्रामीण। जागरण

    पौड़ी के कमंद गांव में घटना स्थल के समीप डीएफओ गढ़वाल के सामने आक्रोश जताते ग्रामीण। जागरण

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    जागरण संवाददाता, पौड़ी। विकासखंड पौड़ी के ग्राम पंचायत थली स्थित कमंद गांव में गुलदार के हमले में बुजुर्ग की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

    शुक्रवार शाम हुई घटना के बाद ग्रामीणों ने रातभर प्रदर्शन किया और शनिवार सुबह फिर बड़ी संख्या में घटनास्थल के पास एकत्र होकर वन्यजीवों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई।

    कमंद गांव निवासी 62 वर्षीय मोहन चंद्र मलासी शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे घर से लगभग 200 मीटर दूर खेत में बकरियों के लिए चारा पत्ती लेने गए थे।

    बताया गया कि पेड़ से चारा काटकर नीचे उतरते ही घात लगाए गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। देर तक घर नहीं लौटने पर स्वजन और ग्रामीण खोजबीन के लिए पहुंचे।

    villagers protest

    खेत में दरांती और चप्पल मिलने के बाद ग्रामीण पदचिह्नों के सहारे आगे बढ़े तो कुछ दूरी पर खून के निशान दिखाई दिए। करीब 300 मीटर दूर उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।

    घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने रातभर प्रदर्शन कर सरकार, वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। शनिवार सुबह संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी और डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव मौके पर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने तीखा विरोध जताया।

    ग्रामीणों का आरोप था कि लगातार घटनाओं के बावजूद सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। दोपहर करीब एक बजे प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सहायता और सुरक्षा का भरोसा दिया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया।

    villagers protest in pauri

    सामाजिक कार्यकर्ता विनोद दनोसी ने कहा कि गांव जिला मुख्यालय से बेहद नजदीक है, बावजूद इसके वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि समय पर नहीं पहुंचे।

    उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में गुलदार के हमलों की कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सरकार और वन विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे।

    कहा कि मुख्यालय पौड़ी में गढ़वाल सांसद आए, लेकिन उन्हें जनता की पीड़ा महसूस ही नहीं हुई। कहा कि क्षेत्र में गुलदार के हमलों की करीब 12 घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन वन मंत्री एक भी प्रभावित परिवार से मिलने नहीं आए हैं। यह उनकी जनता के प्रति असंवेदनशीलता का प्रमाण है।

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    ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने, गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने और क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की।

    ग्राम प्रधान थली साधना देवी ने कहा कि वन विभाग द्वारा पहले मारे गए गुलदारों की डीएनए रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में संदेह बना हुआ है कि वास्तविक आदमखोर पकड़ा गया या नहीं।

    प्रदर्शन करने वालों में यूकेडी जिलाध्यक्ष अर्जुन नेगी, सभासद गौरव सागर, प्रमोद मंद्रवाल, गौरव चंदोला आदि शामिल रहे। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार, सीओ सदर तुषार बोरा, एसडीओ आयशा बिष्ट आदि मौजूद रहे।

    उधर, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि क्षेत्र में पांच पिंजरे, 15 ट्रैप कैमरे और तीन एनाइडर लगाए गए हैं।

    मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए पहले पिंजरे में पकड़ने, जरूरत पड़ने पर ट्रैंकुलाइज करने और अंतिम विकल्प के रूप में मारने के आदेश दिए हैं। क्षेत्र में दो शूटरों के साथ वन विभाग की टीम तैनात की गई है।

    समीपवर्ती गांवों में भी दहशत

    कमंद से लगे उनियाल गांव में भी गुलदार की सक्रियता से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गुलदार दिन-दहाड़े गांव के पास दिखाई देता है और शाम होते ही लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।

    देर रात पहुंचे विधायक

    विधायक राजकुमार पोरी शुक्रवार रात करीब 11 बजे घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने उनके खिलाफ भी नाराजगी जताई। विधायक ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

    गुलदार प्रभावित 15 विद्यालयों में 18 मई तक अवकाश

    पौड़ी ब्लाक के ग्राम पंचायत थली स्थित कमंद गांव में गुलदार के हमले में बुजुर्ग की मौत और दिन-दहाड़े बमठी गांव में गुलदार के महिला पर झपटने की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने क्षेत्र के 15 विद्यालयों में 18 मई तक अवकाश घोषित कर दिया है।

    बीईओ पौड़ी मास्टर आदर्श ने बताया कि गुलदार प्रभावित क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए राउप्रावि मरगदना, राउमावि बैंग्वाड़ी, राप्रावि बैंग्वाड़ी, राप्रावि कलढुंग, राधा बल्लभ पुरम, धनक, चंदोलारांई, ढांडरी, रेवड़ी, मल्ली, श्रीकोट, भिताई व बमठी, राउप्रावि ढांडरी, चंदोलाराई में 18 मई तक अवकाश रहेगा। बताया कि उक्त विद्यालयों में शिक्षण कार्य आनलाइन संपादित किया जाएगा।

    प्रमुख ने सांसद के सामने रखी गुलदार के आतंक की समस्या

    दिशा की बैठक में ब्लाक प्रमुख पौड़ी अस्मिता नेगी ने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के सामने क्षेत्र में गुलदार के बढ़ते आतंक की समस्या रखी।

    उन्होंने बताया कि गजल्ड गांव, बमठी गांव, बाड़ा गांव, कमंद गांव आदि क्षेत्र के अनेक गांवों में अभी तक एक दर्जन गुलदार के हमलों की घटनाएं हो चुकी हैं।

    गढ़वाल सांसद ने कहा कि सरकार ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि त्वरित राहत के लिए जो कुछ हो सके वह करें।

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