Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड के पौड़ी में गुलदार का आतंक: बुजुर्ग को बनाया शिकार, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

    Updated: Fri, 15 May 2026 11:09 PM (GMT+05:30)

    पौड़ी के कमंद गांव में गुलदार ने 62 वर्षीय बुजुर्ग मोहन चंद्र मलासी को निवाला बना लिया, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। यह वन मंत्री के गृह क्षेत्र ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, पौड़ी। विकासखंड पौड़ी के कमंद गांव में गुलदार ने एक बुजुर्ग को निवाला बना लिया है। जिससे क्षेत्र में दशहत का माहौल है। गांव के पास खेत में बकरियों के लिए चारा पत्ती लेने गए बुजुर्ग पर गुलदार ने हमला किया था।

    बुजुर्ग जब कई देर तक घर नहीं पहुंचा तो स्वजनों व ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की। घटना शुक्रवार शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है।

    घटना के एक घंटे बाद शव क्षत विक्षत पाया गया। सूचना के बाद क्षेत्र के ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। प्रशासन व वन विभाग की टीम को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।

    विकासखंड पौड़ी के कमंद गांव में 62 वर्षीय मोहन चंद्र मलासी शाम करीब साढ़े छह बजे घर से करीब 200 मीटर दूर पास के खेत में बकरियों के लिए चारा पत्ती लेने गए थे।

    जहां वह पेड़ से चारापत्ती काटकर जमीन पर उतरे तो घात लगाए गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी तब मिली जब बुजुर्ग काफी देर तक घर नहीं लौटे। स्वजन खेत में गए, जहां उनकी दरांती और चप्पल गिरी हुई थी।

    ग्रामीण जब पदचिह्न के सहारे आगे बढ़े, तो कुछ दूर जाने पर खून के निशान मिले। जब और आगे बढ़ते गए तो 300 मीटर बुजुर्ग का शव मिला।

    ग्राम प्रधान थली साधना देवी ने बताया कि गांव में लगातार गुलदार की धमक देखने को मिलती है। वन विभाग को सूचना दी जाती है, लेकिन कोई सुध नहीं ली जाती है।

    कहा कि बीते नंवबर 2025 में गुलदार ने डोभाल ढांडरी गांव में एक महिला पर हमला किया था। हालांकि, उनकी जान बच गई थी। इसके बाद भी कई घटनाएं क्षेत्र में हो चुकी हैं।

    उन्होंने कहा कि गांव बचाने हैं, तो गुलदारों को मार दो और गुलदार बचाने हैं, तो ग्रामीणों को मार दा। कहा कि हम हर दिन जान जोखिम में डालकर जीने को मजबूर हैं।

    विधायक के न पहुंचने पर आक्रोश

    कमंद गांव में गुलदार के हमले की घटना पर विधायक पौड़ी के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता देवेंद्र सिंह ने बताया कि पौड़ी से कमंद गांव केवल नौ किमी है। लेकिन विधायक घटना के तीन घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे।

    गुलदार के हमले में पांचवी मौत

    उत्तराखंड के वन मंत्री के गृह क्षेत्र में गुलदार के हमले में पांचवी मौत हो गई है। वन मंत्री सुबोध उनियाल पौड़ी के औणी गांव के मूल निवासी हैं।

    उनके गृह क्षेत्र में गुलदार के हमले में यह पांचवे ग्रामीण की मौत है। बमठी गांव में बीते 23 अप्रैल को सीता देवी की मौत हो गई थी।

    उससे पहले बीते 9 मार्च को बालमणा में एक राजमिस्त्री, 15 जनवरी को बाड़ा गांव में नेपाली मूल के व्यक्ति, बीते वर्ष 4 दिसंबर को गजल्ड गांव में एक ग्रामीण को गुलदार ने निवाला बना लिया था।

    पौड़ी के कमंद गांव में गुलदार ने बुजुर्ग को निवाला बनाया है। घटना की जानकारी उच्च अधिकारियाें दे दी गई है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से दूरभाष पर वार्ता कर गुलदार को आदमखोर घोषित किए जाने का अनुरोध किया गया है।

    महातिम यादव, डीएफओ गढ़वाल।

    यह भी पढ़ें- कोटद्वार: एकेश्वर ब्लॉक में दिनदहाड़े महिला पर गुलदार का हमला, ग्रामीणों में दहशत और डर

    यह भी पढ़ें- बिजनौर: पिंजरे में कैद हुआ गुलदार का शावक, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस; वन विभाग ने किया रेस्क्यू

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- मुर्गी के शिकार के लालच में पिंजरे में फंसी मादा गुलदार, वन विभाग ने किया रेस्क्यू