गढ़वाल विवि की फर्जी मार्कशीट से बैंक में नौकरी पाने वाला आरोपित बिजनौर से गिरफ्तार, पूरा रैकेट रडार पर
श्रीनगर गढ़वाल पुलिस ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर बैंक सहित अन्य संस्थानों में नौकरी करने वाले कासिफ कलिम को बिजनौर से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
फर्जी मार्कशीट से नौकरी करने वाला बिजनौर से गिरफ्तार
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि की फर्जी मार्कशीट का उपयोग
पुलिस कर रही बड़े फर्जीवाड़े नेटवर्क की गहन जांच
जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल। बीएससी में फेल होने के बाद फर्जी मार्कशीट बनाकर बैंक सहित अन्य संस्थाओं में नौकरी करने वाले एक आरोपित को श्रीनगर गढ़वाल पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर से गिरफ्तार किया है।
आरोपित से मिली फर्जी मार्कशीट हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विवि के नाम से बनवाई थी। पुलिस के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में अन्य के भी शामिल होने की आशंका है। सोमवार को आरोपित को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया जाएगा।
25 मार्च 2026 को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक प्रो. जय सिंह चौहान ने श्रीनगर कोतवाली में रिपोर्ट लिखाते हुए पुलिस को बताया कि विवि के नाम से फर्जी अंकतालिकाएं, डिग्रियां, लोगो, मोहर और अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर उन्हें असली दस्तावेजों की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस कृत्य से जहां गढ़वाल विवि की साख को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं योग्यताधारी युवा रोजगार से वंचित हो रहे हैं। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सीओ तपेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे।
मामले में पुलिस ने ठोस कार्रवाई करते हुए आरोपित कासिफ कलिम (35) पुत्र छुट्टन खान निवासी सय्यदपुरा, थाना नगीना, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश को स्थानीय पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान आरोपित के पास फर्जी मार्कशीट भी पाई गई।
कोतवाल कुलदीप सिंह ने बताया कि आरोपित ने पूछताछ में बताया है कि वह देहरादून स्थित डीएवी पीजी कालेज से बीएससी की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन फेल हो गया था।
इसके बाद नौकरी पाने के लिए उसने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के नाम की बीएससी की फर्जी मार्कशीट दिल्ली में तैयार कराई और उसी के आधार पर बैंक सहित अन्य संस्थानों में नौकरी की।
कोतवाल ने बताया कि आरोपित को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस फर्जीवाड़े में कोई एक व्यक्ति शामिल नहीं है, बल्कि गढ़वाल विवि के नाम से फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करने वाला पूरा नेटवर्क है, जिसकी जांच की जा रही है।
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गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। आरोपित को गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में उप निरीक्षक प्रमोद कुमार और हेड कांस्टेबल दिनेश चौधरी भी शामिल थे।
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