पौड़ी के बमठी गांव में आदमखोर गुलदार का आतंक खत्म, वन विभाग ने किया ढेर
पौड़ी के बमठी गांव में आतंक फैलाने वाले आदमखोर गुलदार को वन विभाग के शूटरों ने ढेर कर दिया है। यह गुलदार 23 अप्रैल को सीता देवी पर हमला कर उनकी मौत का ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, पौड़ी। विकासखंड पौड़ी के बमठी गांव में आतंक का पर्याय बना गुलदार ढेर हो गया है। वन विभाग के शूटरों की टीम ने बीते गुरुवार रात नौ बजे गुलदार को घटनास्थल के समीप अंतिम विकल्प के रूप में शूट किया था।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद विभागीय टीम ने एनटीए के मानकानुसार गुलदार को नष्ट कर दिया है।
इससे पहले घटनास्थल के समीप से बीते 4 मई को एक मादा गुलदार पिंजरें में कैद हो चुकी है। जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, सतर्कता के तौर विभागीय टीम अभी क्षेत्र में मौजूद रहेगी।
विकासखंड पौड़ी के बमठी गांव में बीते 23 अप्रैल को घर के पास खेत में 70 वर्षीय सीता देवी घास काट रही थी। इस दौरान उन पर गुलदार ने हमला कर दिया था।
उन्होंने गुलदार पर दराती से वार कर खुद को बचाने का प्रयास किया था। साथ ही शोर भी मचाया था। जिसके बाद ग्रामीण घटनास्थल की ओर भागकर आए थे। लेकिन तब तक वह सीता देवी को दूर झाड़ियों में ले गया था। जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
ग्रामीणों के अनुसार, हमला करने वाले दो गुलदार थे। जिसके बाद वन विभाग ने मशहूर शिकारी जाय हुकिल, विभागीय शूटर सहित 20 कार्मिकों की टीम मौके पर तैनात की थी। साथ ही 4 पिंजरे, चार सोलर सीसीटीवी, 10 कैमरा ट्रैप व ड्रोन से निगरानी की जा रही थी।
एसडीओ गढ़वाल आयशा बिष्ट ने बताया कि बमठी गांव में घटनास्थल के समीप चार दिन से एक गुलदार लगातार देखा जा रहा था। जिसकी निगरानी विभागीय टीम द्वारा की जा रही थी।
बताया कि गुलदार की पहचान कर पहले उसे पिंजरें में कैद किए जाने, उसके बाद ट्रैंकुलाइज किए जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिल पाई।
एसडीओ बिष्ट ने बताया कि बीते गुरुवार रात नौ बजे आदमखोर गुलदार को अंतिम विकल्प के रूप में मार दिया गया। बताया कि मृत गुलदार 8 वर्ष का नर है। उसके एक पांव में चोट भी है।
बताया कि पशुचिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। जिसके बाद एनटीए के मानकानुसार गुलदा को नष्ट कर लिया गया है।
एसडीओ आयशा बिष्ट ने कहा कि सर्तकता के तौर पर विभागीय टीम कुछ दिनों तक क्षेत्र में ही यथावत बनी रहेगी।
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में वन्यजीव हमलों से दहशत, बाघ-गुलदार और हाथियों के हमलों में लगातार मौत
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के टिहरी में बीच सड़क पर अठखेलियां करते दिखे दो गुलदार, राहगीरों में मचा हड़कंप