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उत्तराखंड में देश की सबसे लंबी रेल सुरंग, आखिरी फेज में लाइनिंग-फिनिशिंग...जनवरी से बिछेगा ट्रैक

Published: Sun, 30 Aug 2026 04:28 PM (IST)Updated: Sun, 30 Aug 2026 04:32 PM (IST)

उत्तराखंड में बन रही देश की सबसे लंबी देवप्रयाग-जनासू रेल सुरंग (14.58 किमी) का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा हो जाएगा।

देवप्रयाग-जनासू के बीच बन रही 14.58 किमी लंबी रेल सुरंग। जागरण

देवप्रयाग-जनासू के बीच बन रही 14.58 किमी लंबी रेल सुरंग। जागरण

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जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के तहत देवप्रयाग-जनासू के बीच बन रही देश की सबसे लंबी रेल सुरंग (14.58 किमी) का निर्माण कार्य आगामी दिसंबर तक पूरा कर रेल विकास निगम लिमिटेड को हैंडओवर करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके बाद जनवरी से सुरंग के अंदर रेल ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू होगा। इस परियोजना में अन्य सुरंगों का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

19 पुलों से होकर ऋषिकेश से कर्णप्रयाग पहुंचेगी रेल

125.20 किमी लंबी ब्राडगेज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का सिविल कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। परियोजना का लगभग 83 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के तहत रेल 16 सुरंगों और 19 पुलों से होकर ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक पहुंचेगी।

इस परियोजना में देश की सबसे लंबी रेल सुरंग देवप्रयाग से जनासू का निर्माण कार्य भी 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। निर्माणदायी संस्था ने दिसंबर तक सुरंग का कार्य पूरा कर आरवीएनएल को हैंडओवर करने का लक्ष्य रखा है। इन दिनों सुरंग के अंदर लाइनिंग, फिनिशिंग, बिजली लाइन और इंटरनेट कनेक्टिविटी से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं।

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अगले वर्ष जनवरी से सुरंग के अंदर डबल ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना से जुड़े पुल और सुरंगों के निर्माण के साथ ही अन्य कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। रेल स्टेशनों के निर्माण कार्य भी चरणबद्ध शुरू किया जा रहा है।

टनल बोरिंग मैथड से बनी सुरंग

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में 14.58 किमी लंबी देवप्रयाग से जनासू सुरंग के निर्माण में सिंगल-शील्ड टीबीएम तकनीक उपयोग में लाई गई। भारत में रेल सुरंग में इस तकनीक का पहली बार इस्तेमाल किया गया। जर्मनी से लाई गई इस मशीन का नाम शक्ति रखा गया।

9.11 मीटर व्यास वाली सिंगल शील्ड राक टीबीएम से खुदाई कर करीब 10.47 किमी सुरंग तैयार की गई। टीबीएम ने औसतन 413 मीटर प्रतिमाह सुरंग निर्माण किया। शेष हिस्से को ड्रिल एंड ब्लास्ट/एनएटीएम तकनीक से तैयार किया गया। 16 अप्रैल 2025 को सुरंग को आरपार किया गया था।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत देश की सबसे लंबी रेल सुरंग देवप्रयाग-जनासू का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरंग के आंतरिक कार्य किए जा रहे हैं। निर्माणदायी कंपनी ने सुरंग का कार्य दिसंबर तक कार्य पूरा कर आरवीएनएल को हैंडओवर करने का लक्ष्य रखा है। अगले वर्ष जनवरी से सुरंग के अंदर रेल पटरी बिछाने का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। - हिमांशु बड़ोनी, मुख्य परियोजना प्रबंधक ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना, आरवीएनएल

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