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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Uttarakhand Landslide: नेपाल और चीन सीमा से लगे 60 से अधिक गांवों का संपर्क कटा, गंगोत्री हाईवे बंद

    By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
    Updated: Fri, 25 Aug 2023 07:00 AM (IST)

    Uttarakhand Landslide Latest Update मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को प्रदेशभर में भारी वर्षा का अनुमान है। बीती मंगलवार को भारी वर्षा के चलते बगड़धार ...और पढ़ें

    Uttarakhand Landslide: नेपाल और चीन सीमा से लगे 60 से अधिक गांवों का संपर्क कटा, गंगोत्री हाईवे बंद
    Uttarakhand Landslide: नेपाल और चीन सीमा से लगे 60 से अधिक गांवों का संपर्क कटा, गंगोत्री हाईवे बंद

    HighLights

    1. तीसरे दिन भी बगड़धार में सुचारु नहीं हो पाया गंगोत्री हाईवे
    2. भारी वर्षा के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में बार-बार अवरुद्ध हो रहे हैं हाईवे
    3. बदरीनाथ हाईवे पर पागलनाला में आया मलबा, सड़क का बड़ा हिस्सा बहा, मार्ग बाधित

    गढ़वाल, जागरण टीम। भारी वर्षा के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें अवरुद्ध होने का सिलसिला जारी है। टिहरी जिले में गंगोत्री हाईवे लगातार तीसरे दिन भी बगड़धार में अवरुद्ध रहा। चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे मैठाणा में तीन घंटे तक बाधित रहा। इसके कारण छोटे वाहनों को नंदप्रयाग-कोठियालसैंण मोटर मार्ग से होकर निकाला गया। वहीं देर शाम भारी वर्षा के चलते बदरीनाथ हाईवे पागलनाला में भी बोल्डर व मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। इसके अलावा उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे राना चट्टी के पास चार घंटे तक बाधित रहा।

    60 से अधिक गांवों का संपर्क कटा

    नजीबाबाद-बुआखाल हाईवे भी पिछले तीन दिन से बाधित पड़ा है। हरिद्वार जिले में भूस्खलन के चलते दर्शन के लिए बंद किए गए चंडी देवी मंदिर रोपवे को खोल दिया गया है। हालांकि पैदल दर्शन की अनुमति नहीं है। साथ ही मंदिर परिसर में दुकानें भी बंद करा दी गई हैं। कुमाऊं मंडल में टनकपुर-तवाघाट हाईवे धारचूला से तवाघाट के बीच बाधित है। इसके कारण नेपाल और चीन सीमा से लगे 60 से अधिक गांवों का संपर्क कटा है। साथ ही जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग सात घंटे अवरुद्ध रहा। थल-मुनस्यारी मार्ग बनिक के पास दूसरे दिन भी नहीं सुचारु हुआ।

    तीन दिन से हाईवे बंद

    मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेशभर में भारी वर्षा का अनुमान है। बीती मंगलवार को भारी वर्षा के चलते बगड़धार में गंगोत्री हाईवे का एक हिस्सा धंस गया था। इसके चलते पिछले तीन दिन से हाईवे पर यातायात सुचारु नहीं किया जा सका है। ऐसे में हरिद्वार और ऋषिकेश से आने वाली सवारियों को परेशानी हो रही है। यहां कोहरा छाने और वर्षा के चलते यातायात सुचारु करने में परेशानी हो रही है।

    पहाड़ों की कटिंग जारी

    उधर, उत्तरकाशी जिले में नौगांव-पौंटी-राजगढ़ी मोटर मार्ग का 40 मीटर हिस्सा यमुना नदी में समाने से बनाल और ठकराल पट्टी के 12 से अधिक गांव और तोक का संपर्क पूरी तरह तहसील मुख्यालय से कट गया है। इसके कारण छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में काफी परेशानी हो रही है। सड़क अनुरक्षण का कार्य देख रहे जूनियर इंजीनियर हरीश बिजल्वाण ने बताया कि, सड़क का करीब 40 मीटर हिस्सा धंस गया है, जिससे सड़क पूरी तरह खोखली हो गई है। पहाड़ी की ओर कटिंग की जा रही है। यातायात सुचारु होने में अभी दो दिन और लग सकते हैं।

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    सड़क से कट चुके ग्रामीण क्षेत्र

    चमोली जिले में देवाल-बोरागाड मोटर मार्ग गरसो गदेरे और देवाल-थराली मोटर मार्ग चेपड़ो के पास मलबा आने से अवरुद्ध है। उधर, लोहाजंग-वाण- देवाल-खेता मोटर मार्ग 11 दिन बाद भी सुचारु नहीं हो पाया है। जिले में अतिवृष्टि के चलते सड़क से कट चुके ग्रामीण के लिए प्रशासन की ओर से अस्थायी पुल बनाए जा रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने बताया कि, जिले में 13 पैदल पुलिया क्षतिग्रस्त हुई थी।

    आरसीसी पुलिया निर्माण की मांग

    जिला पंचायत की ओर से रानक गदेरा कनोल, सैंजी लगा मैकोट, वाण, पेरी तोक वाण और कोंज पोथनी में लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही सुचारु कर दी गई है। इसके साथ ही कई स्थानों पर आमजन खुद ही पहल करते हुए श्रमदान से अस्थायी पुलिया बना रहे हैं। निजमुला घाटी के गांवों को जोड़ने वाले घट गदेरे पर ग्रामीणों ने अपने संसाधनों व श्रमदान से लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही सुचारु कराई। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से यहां शीघ्र आरसीसी पुलिया निर्माण की मांग की है।