पिथौरागढ़ : सुंसरी हिंसा के बाद भारत-नेपाल बॉर्डर पर सतर्कता बढ़ी, VHP दार्चुला अध्यक्ष को साजिश की आशंका
नेपाल के सुन्सरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बावजूद भारत-नेपाल सीमा पर शांति बनी हुई है, हालांकि एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोग गौरा पर् ...और पढ़ें

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HighLights
सुन्सरी हिंसा का भारत-नेपाल सीमा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं।
एहतियात के तौर पर सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ी।
विहिप दार्चुला अध्यक्ष ने घटना में विदेशी साजिश की आशंका जताई।
संवाद सूत्र, झूलाघाट। नेपाल के सुन्सरी में हुई हालिया सांप्रदायिक हिंसा का भारत-नेपाल के सीमांत क्षेत्रों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। सुदूरपश्चिम प्रदेश सहित पिथौरागढ़ जिले से लगी भारत-नेपाल सीमा पर पूरी तरह शांति और सौहार्द का माहौल बना हुआ है। हालांकि, एहतियात के तौर पर सीमा पार नेपाल तथा भारतीय क्षेत्र में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
सीमावर्ती इलाकों में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और नागरिकों की आवाजाही रोजाना की तरह सुचारू रूप से चल रही है। सुरक्षा तंत्र पूरी तरह मुस्तैद है, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। वहीं नेपाल के आम जनमानस में इस हिंसा को लेकर किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं है।
गौरा पर्व की तैयारी में जुटे लोग
सुन्सरी घटना क्या है, इस पर आमजन कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं है। जो देखा जा रहा है आने वाले दिन त्यौहारों के दिन हैं विशेषकर सातूंं, आठूं जिसे गौरा पर्व कहा जाता है और नेपाल के बैतड़ी, दार्चुला सहित आसपासस के जिलो में यह त्यौहार वृहद रूप से मनाया जाता है। आम लोग गौरा पर्व की तैयारी में जुटे मिले।
नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग करने वाले राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी बैतड़ी के जिलाध्यक्ष इंद्रदेव शरण भटट, दार्चुला के विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष राम दत्त जोशी ने ही इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।विहिप अध्यक्ष दार्चुला का कहना है कि सुन्सरी की घटना में विदेशी ताकतों का हाथ हो सकता है। दार्चुला के राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रकाश दयाली के बाहर हाेने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी ।
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सुन्सरी में हुए दंगों का फिलहाल सीमावर्ती जिलों में कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। यह घटना धार्मिक और राजनीतिक षड्यंत्र हो सकती है, जिसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर देश को अस्थिर करना है। इस हिंसा के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। - राम दत्त जोशी, अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद दार्चुला, नेपाल