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    दो पहाड़ों के बीच स्थित उत्तराखंड का नैनी-सैनी एयरपोर्ट लेता है पायलटों की परीक्षा, अक्सर नेपाल पहुंच जाते हैं विमान

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 12:38 PM (IST)

    उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के नैनी सैनी एयरपोर्ट पर बड़े विमानों को लैंडिंग के लिए नेपाल सीमा में काली नदी तक जाकर टर्न लेना पड़ता है, जिससे पायलटों की क ...और पढ़ें

    बड़ा विमान होने की वजह से प्रतिदिन नेपाल सीमा पर काली नदी के पास से ही लिया जाता है टर्न।

    बड़ा विमान होने की वजह से प्रतिदिन नेपाल सीमा पर काली नदी के पास से ही लिया जाता है टर्न।

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    जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। दो तरफ पहाड़ियों के बीच स्थित नैनी सैनी एयरपोर्ट पर एक ही तरफ से लैंडिंग हो पाने के कारण बड़े विमान को टर्न लेने के लिए नेपाल सीमा पर काली नदी तक जाना पड़ता है।

    हवा का दबाव अधिक होने पर आए दिन यह एयरपोर्ट पायलटों के कौशल की भी परीक्षा लेता है। मंगलवार को नैनी सैनी से जाजरदेवल की तरफ हवा का दबाव अधिक होने से 42 सीटर विमान को टर्न लेने में अधिक समय लगा। करीब 15 मिनट तक नेपाल सीमा में रहने के बाद उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।

    दोनों तरफ पहाड़ी होने से हवा का दबाव ज्यादा

    नैनी सैनी एयरपोर्ट अथारिटी के अनुसार, लैंडिंग के लिए विमान का काली नदी के समीप से टर्न लेना एक सामान्य और नियमित प्रक्रिया है।

    हवाई पट्टी की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां विमान की लैंडिंग केवल एक ही दिशा से की जाती है। दोनों तरफ पहाड़ी होने से हवा का दबाव अधिकांश अधिक रहता है। ऐसे में विमानों को एलाइनमेंट के लिए काली नदी के ऊपर से ही घूमकर आना पड़ता है।

    मंगलवार को नैनी सैनी से जाजरदेवल की ओर हवा का भारी दबाव (एयर प्रेशर) था। विमान का आकार बड़ा होने और तेज हवाओं के कारण पायलट को सुरक्षित लैंडिंग के लिए टर्न का दायरा थोड़ा बढ़ाना पड़ा। जिससे विमान काली नदी की सीमा में थोड़ा अधिक अंदर तक चला गया।

    यह उड़ान सुरक्षा मानकों के तहत उठाया गया एक तकनीकी कदम था। पूर्व में जब छोटा विमान उड़ता था तो उसको टर्न लेने के लिए इस तरह की दिक्कत नहीं आती थी। क्योंकि उसको टर्न लेने के लिए अधिक स्पेस की जरूरत नहीं पड़ती थी।

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    मंगलवार को विमान बड़ा होने के कारण उसे सुरक्षित टर्न के लिए काली नदी सीमा की ओर थोड़ा आगे ले जाना पड़ा। कंपनी और एयरपोर्ट प्रबंधन के लिए यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी को ध्यान में रखकर उड़ान के दौरान सभी निर्णय लिए जाते हैं।
    - संदीप यादव, एयरपोर्ट प्रबंधक

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