पिथौरागढ़ में करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट गैंग के दो सदस्य दबोचे
पिथौरागढ़ में साइबर सेल और बेरीनाग पुलिस ने म्यूल अकाउंट गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके खातों से 1.04 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध ले ...और पढ़ें

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संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़। सीमांत जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर सेल और कोतवाली बेरीनाग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में एक बैंक खाते में 12.35 लाख रुपये और दूसरे खाते में 1.04 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक नीरज भाकुनी के नेतृत्व में जांच की गई। जांच के दौरान दो ऐसे बैंक खातों की पहचान हुई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन और उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जा रहा था।
दो बैंक खातों की पहचान
जांच में सामने आया कि एक खाते में 12,35,832 रूपए तथा दूसरे खाते में 1,04,96,483 रूपए का संदिग्ध लेन-देन हुआ था। पुलिस के अनुसार, इन खातों का इस्तेमाल 'म्यूल अकाउंट' के रूप में किया जा रहा था। म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका उपयोग साइबर अपराधी ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने या उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए करते हैं।
मामले में कोतवाली बेरीनाग में धारा 318(4)/61(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पवन कुमार (22), निवासी ग्राम पौंसा, बेरीनाग, प्रियांशु कुमार (22), निवासी जाड़ापानी, कूलाखेत, पिथौरागढ़ तथा अमनदीप, निवासी गणाई गंगोली के नाम सामने आए। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रियांशु कुमार को हल्द्वानी के दमुवाढूंगा स्थित अंबेडकर पार्क के पास से तथा पवन कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
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पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया। आरोपितों को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार गंगवार, हेड कांस्टेबल संजीव यादव तथा कांस्टेबल चालक नरेंद्र मेहता शामिल रहे।