पिथौरागढ़: कूलागाड़ में आवाजाही शुरू; कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद, खतरे में दो मकान
पिथौरागढ़ में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर पत्थर गिरने से खतरा बढ़ गया है, वहीं मुनस्यारी के पांतो गांव में भू-धंसाव से दो मकान खतरे में हैं।
HighLights
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर पत्थर गिरने का खतरा
मुनस्यारी के पांतो गांव में दो मकान भू-धंसाव की जद में
प्रशासन से तत्काल सुरक्षात्मक उपाय और विस्थापन की मांग
जागरण टीम, पिथौरागढ/ धारचूला। पिथौरागढ़-टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कूलागाड़ के पास बेलीब्रिज टूटने से पिछले तीन दिनों से कटा सीमांत क्षेत्र का संपर्क आखिरकार बहाल हो गया है। प्रशासन और बीआरओ के अथक प्रयासों से कूलागाड़ के समीप युद्धस्तर पर तैयार किए गए वैकल्पिक मार्ग से आखिरकार यातायात पूरी तरह सामान्य कर दिया गया है।
मार्ग बंद होने के कारण दारमा, व्यास और चौंदास घाटियों में फंसे सैकड़ों वाहन और यात्री अब सुरक्षित धारचूला पहुंच गए हैं, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों ने बड़ी राहत की सांस ली है। वहीं मलघाट में पहाड़ से लगातार पत्थर गिरने से तवाघाट -लिपुलेख मार्ग पर चार से पांच घंटे यातायात ठप रहा।
मंगलवार की रात्रि दो से तीन बजे के बीच हाईवे में कूलागाड़ में विशाल बोल्डर और मलबा गिरने से बीआरओ का बेलीब्रिज टूट गया था। पुल टूटने से तीन घाटियों दारमा, व्यास और चौदास सहित चीन सीमा का सम्पर्क कट गया था। यात्रा पूरी कर लोट रहा नौवा कैलास मानसरोवर यात्रा दल गुंजी में फंस गया था। बुधवार सुबह से प्रशासन , बीआरओ वैकल्पिक मार्ग बनाने में जुट गए थे।
फंसे लोगों को निकालने के लिए मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, आइटीबीपी के जवान तैनात किए।रेस्क्यू कर फंसे लोगों को निकाला गया। जिसमें कैलास मानसरोवर यात्री भी शामिल रहे। शुक्रवार की सुबह नौ बजे वैकल्पिक मार्ग तैयार हो गया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही होने लगी। इसी दौरान तवाघाट -गुंजी 5 लिपुलेख मार्ग पर मलघाट के पास पहाड़ की तरफ से लगातार पत्थर गिरने से मार्ग पांच घ्रंटे से अधिक समय तक बंद रहा। मार्ग सायं पांच बजे के आसपास खुला। इस दौरान व्यास घाटी के गांवों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए जा रहे कई लोग मलघाट के पास फंसे रहे।
वहीं कूलागाड़ वैकल्पिक मार्ग को लेकर धारचूला के उपजिलाधिकारी आशीष जोशी और बीआरओ के अधिकारी मीणा अपनी पूरी टीम के साथ लगातार निगरानी करते रहे और मौके पर डटे रहे। भाजपा नेता डॉ. स्वामी वीरेंद्रानंद ने भी कूलागाड़ पहुंचकर इस सराहनीय कार्य के लिए एसडीएम और बीआरओ अधिकारियों से भेंट की और मार्ग खुलने पर प्रशासन और बीआरओ का आभार जताया।गुरुवार की रात्रि को भी जिले में जमकर बादल बरसे। सुबह 17 मार्ग बंद थे। तीन मार्ग खुलने के बाद अभी भी 14 ग्रामीण मार्ग बंद है।
दो आवासीय मकान भारी खतरे की जद में
मुनस्यारी। तहसील के दूरस्थ् पांतो गांव में लगातार हो रही वर्षा से दो आवासीय मकान भारी खतरे की जद में आ गए हैं। बारिश के चलते जमीन में अत्यधिक नमी बढ़ने के कारण मकानों के आसपास भू-धंसाव और भूस्खलन का सिलसिला शुरू हो गया है। इससे गांव निवासी त्रिलोक पुत्र प्रेम सिंहऔर दुर्योधन पुत्र रुकम सिंह के मकानों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा मंडराने लगा है।
पहाड़ की तरफ से लगातार मिट्टी और बोल्डर खिसकने से दोनों परिवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। मौसम के तेवरों के बीच पीड़ित परिवार खौफ के साए में रातें काटने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो तेज बारिश के दौरान मकान कभी भी ढह सकते हैं। यह खतरा हरपल बना रहता है।
मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधिमदकोट एवं यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष डीडीहाट विक्रम दानू ने शासन-प्रशासन से तत्काल राहत व सुरक्षात्मक कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन अविलंब मौके पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की संयुक्त टीम भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराए।
प्रभावित मकानों को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर दोनों परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया जाए, ताकि उनकी जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
यह भी पढ़ें- पिथौरागढ़ में मानसून का कहर, आठ घंटे खुलने के बाद फिर बंद हुआ कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग
यह भी पढ़ें- भारी बारिश से उत्तराखंड का कुमाऊं बेहाल, रेलवे ट्रैक पर आया मलबा; कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद
