पिथौरागढ़ के टूरिस्ट डेस्टिनेशन चंडाक में दिखाई दी दुर्लभ उड़न गिलहरी, रात में होती है सक्रिय
पिथौरागढ़ के टूरिस्ट डेस्टिनेशन चंडाक में एक दुर्लभ उड़न गिलहरी देखी गई। यह रात में सक्रिय रहती है और पेड़ों के बीच 100 मीटर तक ग्लाइड कर सकती है, जो ...और पढ़ें

टूरिस्ट डेस्टिनेशन चंडाक क्षेत्र में दिखाई दी दुर्लभ उड़न गिलहरी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़। नगर से लगे टूरिस्ट डेस्टिनेशन स्थल चंडाक क्षेत्र में एक दुर्लभ उड़न गिलहरी दिखाई दी। इस क्षेत्र में घूमने के लिए आने वाले नगर के एक युवा ने इसे अपने कैमरे में कैद किया है।
एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक उड़ सकती है गिलहरी
उड़न गिलहरी अन्य पक्षियों की तरह उड़ती नहीं है बल्कि एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक उड़ सकती है। यह अपने पैरों के त्वचा के बीच की लचीली झिल्ली को फैलाकर ग्लाइडर की तरह उड़ने के लिए उपयोग करती है। यह अधिकतम 100 मीटर तक ग्लाइड कर सकती है। हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली यह गिलहरी ज्यादातर मिश्रित प्रजाति के घने जंगलों में अपना आवास बनाती है।
सामान्य गिलहरी की तरह दिन में नहीं निकलती है
सामान्य गिलहरी जहां दिन के वक्त बाहर निकलती है वहीं उड़न गिलहरी ज्यादातर रात में भ्रमण करती है। चंडाक क्षेत्र में एक पेड़ पर दिखाई दी इस दुर्लभ गिलहरी को साइकिलिस्ट अनिल माहरा ने अपने कैमरे में कैद किया। रेंजर दिनेश जोशी ने कहा कि चंडाक क्षेत्र में इस गिलहरी का दिखाई देना मजबूत जैव विविधता का संकेत है।