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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पंचेश्वर बांध के विरोध में गरजे जौलजीवी के ग्रामीण

    By BhanuEdited By:
    Updated: Tue, 24 Apr 2018 09:50 PM (IST)

    पंचेश्वर बांध के विरोध में जौलजीवीवासियो ने तहसील मुख्यालय धारचूला में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जौलजीवी तीर्थ और ऐतिहासिक जौलजीवी मेले को बचाने की मा ...और पढ़ें

    पंचेश्वर बांध के विरोध में गरजे जौलजीवी के ग्रामीण
    पंचेश्वर बांध के विरोध में गरजे जौलजीवी के ग्रामीण

    पिथौरागढ़, [जेएनएन]: पंचेश्वर बांध के विरोध में जौलजीवीवासियो ने तहसील मुख्यालय धारचूला में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जौलजीवी तीर्थ और ऐतिहासिक जौलजीवी मेले को बचाने की मांग की गई।

    मंगलवार की सुबह जौलजीवी से काफी संख्या में लोग 27 किमी दूर धारचूला पहुंचे। जहां हाथो में बैनरो के साथ पंचेश्वर बांध के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जौलजीवी कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग का प्रवेश द्वार है। 

    यहां पर भगवान् शिव जवालेश्वर के रूप में विराजमान है। जवालेश्वर के दर्शन के बाद कैलास मानसरोवर की यात्रा होती है। काली और गोरी नदी के संगम पर जौलजीवी का प्रसिद्ध ऐतिहासिक मेला लगता है। पंचेश्वर बांध बनने पर  ऐतिहासिक धरोहर लुप्त हो जाएंगी। 

    इसके अलावा जौलजीवी के निवासियो के सम्मुख विस्थापन की समस्या पैदा होगी। सरकार से जौलजीवी को पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र से बाहर रखने की मांग की गई। इस मौके पर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौपा गया।

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