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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    केदारनाथ में प्रशासन के आश्वासन के बाद तीर्थ पुरोहितों ने स्थगित किया आंदोलन, 4 सूत्रीय मांगों को लेकर था धरना

    By Brijesh bhattEdited By: riya.pandey
    Updated: Thu, 21 Sep 2023 07:50 AM (IST)

    भू-स्वामित्व का अधिकार देने समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन की ओर से 15 अक्टूबर तक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद तीर्थ पुरोहितों ने आमरण ...और पढ़ें

    केदारनाथ में प्रशासन के आश्वासन के बाद तीर्थ पुरोहितों ने स्थगित किया आंदोलन
    केदारनाथ में प्रशासन के आश्वासन के बाद तीर्थ पुरोहितों ने स्थगित किया आंदोलन

    HighLights

    1. केदारनाथ में तीर्थ पुरोहितों का आमरण अनशन समाप्त
    2. प्रशासन ने मांगों को पूरा करने का दिया आश्वासन
    3. 18 सितंबर से धरना पर बैठे थे तीर्थ पुरोहित

    संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग : भू-स्वामित्व का अधिकार देने समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन की ओर से 15 अक्टूबर तक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद तीर्थ पुरोहितों ने आमरण अनशन स्थगित कर दिया। तीर्थ पुरोहितों को भूमि, भवन आवंटन के साथ ही भूस्वामित्व का अधिकार दिया जाएगा। वहीं, तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि कार्रवाई न होने पर 16 अक्टूबर से आमरण अनशन शुरू कर दिया जाएगा।

    बीते सोमवार को तीर्थ पुरोहितों ने शुरू किया था अनशन

    बीते सोमवार से केदारनाथ धाम में तीर्थ पुरोहितों ने भू-स्वामित्व का अधिकार देने समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। बीती देर रात को अनशनकारी कमल तिवारी की तबियत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद सुबह फिर वह अनशन स्थल पर पहुंच गए। वहीं, उनकी जगह संजय तिवारी और संदीप शर्मा अनशन पर बैठ गए। जिला प्रशासन लगातार तीर्थ पुरोहितों से वार्ता की पेशकश करता रहा।

    केदारनाथ विकास प्राधिकरण के सीईओ ने वार्ता कर खत्म करवाया धरना

    बुधवार को केदारनाथ विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) योगेंद्र सिंह एवं तहसीलदार ऊखीमठ दीवान सिंह राणा तीर्थ पुरोहितों से वार्ता करने धरना स्थल पहुंचे। करीब एक घंटे की वार्ता के दौरान प्रशासन की ओर से तीर्थ पुरोहितों को लिखित आश्वासन दिया गया कि 15 अक्टूबर तक भूमि, भवन आवंटन के साथ ही भूस्वामित्व का अधिकार दिया जाएगा। 

    अगर 15 अक्टूबर तक नहीं हुई कार्रवाई तो फिर से होगा अनशन

    प्रशासन के इस आश्वासन के बाद आमरण अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया। केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि अगर 15 अक्टूबर तक लिखित आश्वासन के अनुसार कार्रवाई नहीं होती है, तो 16 अक्टूबर से फिर तीर्थ पुरोहित आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे।

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    यह लोग रहे मौजूद

    इस अवसर पर केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, आचार्य संतोष त्रिवेदी, संदीप शर्मा, संजय तिवारी, कमल तिवारी, कोषाध्यक्ष प्रवीण तिवारी, प्रदीप शुक्ला और पंकज शुक्ला, संतोष त्रिवेदी, विजेन्द्र शर्मा, उमेश चन्द्र पोस्ती, देवेश बाजपेई, अनिल बगवाडी, चिमनलाल शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, अरविंद शुक्ला, अनुराग शुक्ला, आशीष शुक्ला सहित कई तीर्थपुरोहित एवं व्यापारी मौजूद थे।

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