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    केदारनाथ में फूंक-फूंककर कदम रख रही हेली कंपनियां, 14 दिनों में 4000 टिकट रद; क्या है वजह?

    Updated: Thu, 07 May 2026 08:36 AM (GMT+05:30)

    केदारनाथ धाम की हेली यात्रा में इस बार कंपनियां पिछली घटनाओं और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए अत्यधिक सावधानी बरत रही हैं। ...और पढ़ें

    पिछली घटनाओं से सबक लेकर हेली संचालन में बरती जा रही अधिक सर्तकता। प्रतीकात्मक तस्वीर

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    बृजेश भट्ट, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम की हेली यात्रा में इस बार कंपनियां फूंक-फूंककर कदम रख रही हैं। मौसम अनुकूल न होने की स्थिति में बिलकुल भी जोखिम नहीं लिया जा रहा है। विपरीत मौसम में हेली सेवाओं का संचालन रोके जाने से दो सप्ताह में चार हजार से अधिक हेली टिकट निरस्त किए जा चुके हैं।

    रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम तक यात्रियों को ले जाने के लिए आठ हेली कंपनियां सेवाएं दे रही हैं। पिछले वर्षों में हुई घटनाओं को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस बार अधिक सर्तकता के साथ हेली सेवाओं के कड़े मानक तय किए हुए हैं, जिन पर उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) नजर बनाए हुए है।

    अब तक थमा नहीं वर्षा और बर्फबारी का दौर 

    आमतौर पर मई के पहले सप्ताह में मौसम के अनुकूल होने से केदारनाथ धाम में हेली सेवाओं का संचालन गति पकड़ता है, लेकिन इस बार वर्षा और बर्फबारी का दौर अब तक थम नहीं पाया है। पहली से पांच मई के बीच वर्षा होती रही। धाम में दो दिन लगातार बर्फबारी भी हुई। ऐसे में हेली कंपनियां अधिक सर्तकता बरत रही हैं।

    इसका कारण यह भी कि केदारनाथ यात्रा शुरू होने के दो महीने पहले ही डीजीसीए ने हेली यात्रा संबंधित गाइड लाइन पर सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए थे। दरअसल, चारधाम यात्रा के दौरान पिछले वर्ष पांच हेली हादसों में 13 लोगों की मौत हो गई थी। तब यात्रा संबंधित मानकों पर सवाल भी उठे थे।

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    22 अप्रैल से शुरू हो गई थी हेली सेवा

    इस बार 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवाएं शुरू हो गई थीं। शुरुआती दिनों में मौसम अनुकूल रहा और उड़ानें नियमित रूप से संचालित हुईं, लेकिन इसके बाद मौसम ने करवट ली तो सावधानी बरतनी शुरू हुईं। हेली टिकट रद होने से उन श्रद्धालुओं को अधिक परेशानी हो रही है जो स्वास्थ्य या अन्य कारणों से पैदल यात्रा करने में सक्षम नहीं हैं।

    हालांकि कई यात्री घोड़े-खच्चर का सहारा ले रहे हैं। जिला पर्यटन अधिकारी और हेली सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे के अनुसार, इस बार हेली सेवाओं के जरिये अब तक 11,894 यात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, जबकि 2,079 शटल उड़ानें संचालित हुईं हैं।

    यहां से संचालित हो रहीं हेली सेवाएं

    • गुप्तकाशी-नारायणकोटी
    • फाटा
    • शेरसी

    ये कंपनियां कर रहीं संचालन

    • ट्रांस भारत,
    • चिपसन एविएशन,
    • राजस एयरोस्पोर्ट्स,
    • थंबी एविएशन,
    • यूनाइटेड हेलीचार्ट्स,
    • हिमालय हेली,
    • पिलिग्रिमेज एविएशन,
    • ऐरो एविएशन,

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