Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    केदारनाथ यात्रा 23 अप्रैल से : प्रशासन के सामने चुनौती, विपरीत परिस्थितियों में जुटानी होंगी मूलभूत सुविधाएं 

    Updated: Fri, 06 Mar 2026 03:26 PM (IST)

    केदारनाथ यात्रा इस वर्ष 23 अप्रैल से शुरू हो रही है, जो सामान्य से दो सप्ताह पहले है। इससे रुद्रप्रयाग प्रशासन के सामने मूलभूत व्यवस्थाएं जुटाने की बड ...और पढ़ें

    इस वर्ष केदारनाथ यात्रा 23 अप्रैल से शुरू हो रही है।

    इस वर्ष केदारनाथ यात्रा 23 अप्रैल से शुरू हो रही है।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    बृजेश भट्ट, रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा इस वर्ष 23 अप्रैल से विधिवत शुरू होने जा रही है।

    आमतौर पर यात्रा मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में शुरू होती है, लेकिन इस बार केदारनाथ धाम के कपाट दो सप्ताह पहले खुलने से जिला प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को समय से तैयार करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

    दरअसल, अप्रैल में केदारनाथ धाम और पूरी केदार घाटी में कड़ाके की ठंड रहती है। कई जगहों पर बर्फ जमी रहती है और तापमान शून्य से नीचे पहुंच जाता है।

    ऐसे में धाम में पेयजल की लाइन जमने, बिजली व्यवस्था बाधित होने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

    प्रत्येक यात्रा सीजन में केदारनाथ धाम में मूलभूत सुविधाओं को नए सिरे से स्थापित करना पड़ता है।

    इनमें पैदल यात्रा मार्ग को सुचारु करना, धाम में यात्रियों के लिए आवास, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। अप्रैल में भारी बर्फबारी के कारण इन व्यवस्थाओं को समय पर तैयार करना कठिन हो जाता है।

    अप्रैल में केदारनाथ क्षेत्र में तापमान कई बार माइनस डिग्री तक पहुंच जाता है। ऊंचाई अधिक होने के कारण आक्सीजन का स्तर भी कम रहता है, जिससे हृदय रोग और श्वसन संबंधी समस्या वाले यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

    ऐसे में प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल टीमों और आपातकालीन व्यवस्थाओं को और मजबूत करना होगा।

    आमतौर पर यात्रा मई माह में शुरू होने पर प्रशासन को तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है और तब तक मौसम भी अपेक्षाकृत अनुकूल हो जाता है, लेकिन इस बार यात्रा 23 अप्रैल से शुरू होने के कारण विभागों को सीमित समय में ही सभी व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी।

    खबरें और भी

    चारधाम यात्रा मुख्य रूप से दो चरणों में संपन्न होती है। पहला चरण कपाट खुलने से लेकर जून के अंत तक रहता है, जबकि दूसरा चरण सितंबर मध्य से शुरू होकर यात्रा समापन तक चलता है।

    हालांकि यात्रा जल्दी शुरू होने के कई सकारात्मक पहलू भी हैं। इस बार श्रद्धालुओं को मानसून शुरू होने से पहले लगभग दो से ढाई महीने का समय मिलेगा, जिससे अधिक संख्या में श्रद्धालु धाम के दर्शन कर सकेंगे।

    केदार घाटी होटल एसोसिएशन के सचिव मनोज सेमवाल का कहना है कि इस बार यात्रा अप्रैल में शुरू होने से प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को समय पर तैयार करने की चुनौती जरूर है, लेकिन इससे स्थानीय व्यवसाय को बड़ा लाभ मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट, टूर आपरेटर, घोड़ा-खच्चर संचालक, टैक्सी चालक और छोटे व्यापारियों को इसका सीधा फायदा होगा।

    उम्मीद है कि इस वर्ष यात्रा रिकार्ड तोड़ साबित हो सकती है। रुद्रप्रयाग के होटल व्यवसायी प्रदीप थपलियाल का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो यह यात्रा सीजन आर्थिक दृष्टि से ऐतिहासिक साबित हो सकता है।

    इस बार केदारनाथ यात्रा 23 अप्रैल से विधिवत शुरू हो जाएगी। यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यात्रा जल्द शुरू होने से चारधाम से जुड़े हर वर्ग के व्यापारियों को लाभ मिलेगा और यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि की उम्मीद है।

    -हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष, बीकेटीसी