दो दिन बाद शुरू हुई चारधाम यात्रा फिर रुकी, केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा आने से रास्ता बंद
केदारघाटी में मूसलाधार बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी मलबा और बोल्डर आने से यात्रा रोक दी गई है।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में वर्षा व भूस्खलन ने परेशानी बढ़ा दी है। दो दिन से स्थगित चारधाम यात्रा गुरुवार सुबह से फिर शुरू हो गई है। पड़ावों से यात्रियों को धामों के लिए रवाना कर दिया गया है।
चारधाम और कैलास यात्रा मार्ग लगातार भूस्खलन से बाधित हो रहे हैं। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ (गौरीकुंड) व उत्तरकाशी में यमुनोत्री राजमार्ग भूस्खलन से अवरुद्ध है। कई स्थानों पर यह मार्ग खतरनाक बन गए हैं।
अलकनंदा-मंदाकिनी चेतावनी स्तर से ऊपर
रुद्रप्रयाग। जनपद में लगातार बारिश के बीच गुरुवार सुबह अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है। जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र की जारी रिपोर्ट के अनुसार लोगों की सुरक्षा को देखते हुए नदी तटों से दूर रहने की अपील की गई है। नगर पालिका एवं नगर पंचायतों द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
सुबह 7:00 बजे की रिपोर्ट के अनुसार अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.89 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 626.00 मीटर और खतरे का निशान 627.00 मीटर है। वहीं मंदाकिनी नदी 625.90 मीटर पर बह रही है, जो 625.00 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है। हालांकि गंगानगर और गौरीकुंड में नदी का जलस्तर अभी चेतावनी स्तर से नीचे बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार जनपद में बादल और कोहरा छाया हुआ है। बीते 24 घंटे में जखोली में सर्वाधिक 54.00 मिमी, ऊखीमठ में 38.20 मिमी तथा रुद्रप्रयाग में 4.00 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
बारिश के कारण सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) तीन स्थानों पर, राज्य मार्ग (एसएच) तीन, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की 10, पीएमजीएसवाई की 13 तथा एनपीसीसी की दो सड़कें बंद हैं।
एनएच-107 पर मुनकटिया क्षेत्र तथा गौरीकुंड से आगे श्री केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर दो-तीन स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। इसके चलते केदारनाथ यात्रा को एहतियातन आंशिक रूप से रोक दिया गया है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और यात्रियों से नदी किनारों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपदा, दुर्घटना या मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को देने को कहा गया है।
संवेदनशील स्लाइडिंग जोन एक बार फिर सक्रिय
फाटा: फाटा-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर बाजार के समीप स्थित संवेदनशील स्लाइडिंग जोन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। यहां सुरक्षा दीवार (पुस्ता) और सड़क के बीच दोबारा भू-धंसाव होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि इस वर्ष फरवरी-मार्च में इस स्थान पर सुरक्षा कार्य शुरू किया गया था और यात्रा शुरू होने से पहले इसे पूरा करने का दावा किया गया था। लेकिन जून माह के प्रथम सप्ताह में हुई बारिश के बाद ही पुस्ता धंस गया था। उस समय राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने भी इसे निर्माण में लापरवाही मानते हुए दोबारा उच्च गुणवत्ता के साथ सुरक्षा कार्य कराने का दावा किया था। इसके बावजूद अब फिर से उसी स्थान पर भू-धंसाव शुरू हो गया है।
स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि स्लाइडिंग जोन का वैज्ञानिक तरीके से स्थायी उपचार करने के बजाय केवल खानापूर्ति की जा रही है। उनका कहना है कि बार-बार सरकारी धन खर्च होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री और तकनीक की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं।
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