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    उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर, केदारनाथ यात्रा प्रभावित

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 11:24 PM (IST)

    रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे केदारनाथ यात्रा बाधित हुई। ...और पढ़ें

    रुद्रप्रयाग में चेतावनी के निशान से ऊपर बह रही अलकनंदा-मंदाकिनी नदियां। जागरण

    रुद्रप्रयाग में चेतावनी के निशान से ऊपर बह रही अलकनंदा-मंदाकिनी नदियां। जागरण

    HighLights

    1. अलकनंदा-मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर

    2. केदारनाथ यात्रा छह घंटे तक रही बाधित

    3. जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की

    संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। जनपद में बुधवार को भी लगातार हुई तेज वर्षा के चलते अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहा।

    बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा सुरक्षित जगहों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

    नगर निकायों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार चेतावनी प्रसारित की जा रही हैं। वहीं बुधवार को सिल्ली में हाईवे अवरुद्ध रहने से केदारनाथ यात्रा लगभग छह घंटे बाधित रही।

    जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटों में ऊखीमठ में सर्वाधिक 37.50 मिमी, जखोली में 12.00 मिमी तथा रुद्रप्रयाग में 10.00 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

    अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.90 मीटर और मंदाकिनी का 625.80 मीटर दर्ज किया गया।

    अलकनंदा का चेतावनी स्तर 626.00 मीटर तथा खतरे का निशान 627.00 मीटर है, जबकि मंदाकिनी का चेतावनी स्तर 625.00 मीटर और खतरे का निशान 626.00 मीटर है। दोनों नदियां फिलहाल चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं।

    वर्षा के कारण एनएच-107 सिल्ली के पास भूस्खलन से बंद हो गया, जिससे केदारनाथ यात्रा लगभग छह घंटे तक बाधित रही।

    मार्ग खुलने और यातायात सुचारु होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू कराई गई। इसके अलावा एक राष्ट्रीय राजमार्ग, सात राज्य मार्ग, चार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), चार पीएमजीएसवाई और एक एनपीसीसी मार्ग भी विभिन्न जगहों पर प्रभावित हैं।

    लोगों से की नदियों-गदेरों से दूर रहने की अपील

    जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरते हुए लोगों से गदेरे व नदियों से दूर रहने की अपील की है। इसके लिए विभिन्न विभागों की टीमें गठित कर दी गई हैं, जो संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

    जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि लगातार वर्षा के कारण जनपद की नदियों, गदेरों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

    कहा कि लोग अनावश्यक रूप से नदियों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचें तथा नदी किनारे रहने वाले सुरक्षित स्थानों पर रहें।

    जिला प्रशासन हर परिस्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    आपदा प्रबंधन, पुलिस, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमें आवश्यक संसाधनों के साथ तैनात है।

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