Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड में मध्यमहेश्वर यात्रा अगले आदेश तक स्थगित, भूस्खलन और ट्रॉली सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन का फैसला

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 10:45 PM (IST)

    जिला प्रशासन ने भूस्खलन और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए विश्व प्रसिद्ध मध्यमहेश्वर यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. मध्यमहेश्वर यात्रा अग्रिम आदेशों तक अस्थायी रूप से स्थगित।

    2. भूस्खलन, मार्ग पर सुरक्षा जोखिम मुख्य कारण।

    3. अस्थायी पुल बहने, ट्रॉली क्षमता भी समस्या।

    जागरण संवाददाता, रुद्रप्रयाग। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने विश्व प्रसिद्ध द्वितीय केदार श्री मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा को अग्रिम आदेशों तक अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यह निर्णय एसपी, एसडीएम तथा लोनिवि की संयुक्त आख्या के आधार पर लिया गया।

    प्रशासन के अनुसार मस्ता-मध्यमहेश्वर पैदल मार्ग तलसारी तोक से गौण्डार, बनतोली और खुन्नू होते हुए लगभग 14.50 किलोमीटर लंबा है। मार्ग के पहले पांच किलोमीटर हिस्से में कटिंग कार्य चल रहा था, जिसमें करीब 3.5 किलोमीटर तक कटिंग की जा चुकी है।

    मध्यमहेश्वर यात्रा संचालित होने के कारण फिलहाल कटिंग कार्य रोक दिया गया है। इसके बावजूद तलसारी तोक से बनतोली तक कई स्थानों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। प्रशासन ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद कई यात्री जोखिम उठाकर भूस्खलन वाले क्षेत्रों को पार करने का प्रयास कर रहे हैं तथा खतरनाक स्थानों पर रुककर फोटोग्राफी और सेल्फी भी ले रहे हैं, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

    स्थिति को और गंभीर बनाते हुए बनतोली में मोरखण्डा नदी पर बना अस्थायी लकड़ी का पुल 24 जुलाई 2026 को नदी का जलस्तर बढ़ने से बह गया था। इसके बाद से यात्रियों की आवाजाही केवल मैनुअल ट्रॉली के माध्यम से कराई जा रही है।

    खबरें और भी

    ट्रॉली की क्षमता एक बार में मात्र दो व्यक्तियों की है। इस वर्ष यात्रियों और कांवड़ियों की अत्यधिक भीड़ के कारण सुबह के समय 150 से 200 श्रद्धालुओं का दबाव बन रहा है। प्रशासन के अनुसार कई लोग ट्रॉली संचालकों और मजदूरों से दुर्व्यवहार कर रहे हैं तथा पहले जाने और सेल्फी लेने की होड़ के कारण अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे किसी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    लोक निर्माण विभाग, ऊखीमठ ने भी अपनी रिपोर्ट में गौण्डार स्थित ट्रॉली के मरम्मत एवं रखरखाव कार्य के लिए कम से कम दो से तीन दिन का समय आवश्यक बताया है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित करने के निर्देश जारी किए हैं।

    जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पुलिस, राजस्व, लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आदेश की जानकारी सभी यात्रियों तक पहुचाने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को समय रहते जानकारी मिल सके और किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

    यह भी पढ़ें- रुद्रप्रयाग में भारी बारिश से गौरीकुंड हाईवे बाधित, सैकड़ों वाहन फंसे; केदारनाथ यात्रा भी प्रभावित