ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की टनल में रिसाव का वीडियो वायरल, प्रशासन ने कहा- नहीं हुई कोई जनहानि
रुद्रप्रयाग में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की टनल में पानी के रिसाव का वीडियो वायरल हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना में कोई जनहानि नहीं ...और पढ़ें
HighLights
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग टनल में पानी रिसाव का वीडियो वायरल
रुद्रप्रयाग में टनल में आंशिक मिट्टी धंसाव हुआ था
प्रशासन ने जनहानि से इन्कार किया, कर्मचारी सुरक्षित
संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन परियोजना के नरकोटा-सुमेरपुर के बीच स्थित निकासी सुरंग में सोमवार रात 11 बजे अचानक मिट्टी धंसी तो पानी के साथ मलबा आ गया। इससे अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि वहां काम कर रहे कर्मचारी सुरक्षित हैं। रेल विकास निगम लिमिटेड का कहना है कि ऐसी घटनाएं तकनीकी कार्यों के दौरान सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञ टीम ने तत्काल इसे नियंत्रित कर निर्माण कार्य सुचारु कर दिया है।
हादसा निर्माण कार्य के दौरान टनल 13 में चेनेज 96 के आसपास हुआ। नरकोटा से सुमेरपुर के बीच यह निकास सुरंग 9.42 किलोमीटर लंबी है।
सुरंग ब्रेकथ्रू हो चुकी है। इसमें अब फाइनल काम में प्लास्टर आदि होने हैं। टनल के अंदर मिट्टी का धंसाव होने से सुरंग में लगभग 2.5 मीटर गहरा और 3-4 मीटर लंबा रिसाव हो गया।
पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने बताया कि मौके पर पहुंचकर जानकारी लेने पर मेगा कंपनी के जनसंपक अधिकारी महेश भट्ट के बताया कि किसी भी प्रकार की जनहानि या गंभीर नुकसान नहीं हुआ है।
टनल के भीतर कार्यरत सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। हादसे के तुरंत बाद कंपनी की तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई थी और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया था।
इस प्रकार की घटनाएं टनल निर्माण कार्य के दौरान, विशेषकर जटिल भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों में सामान्य मानी जाती हैं। इस स्थान को पूर्व में ही संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया था। वहां पर लगातार निगरानी की जा रही थी। सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक कदम उठाए जा चुके थे। श्रमिकों को पूर्व में ही हटा लिया गया था। परियोजना में सभी कार्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप किए जा रहे हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। साथ ही सुधारात्मक कार्य तेजी से चल रहे हैं। आमजन किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान न दें।
-ओपी मालगुडी, उप महाप्रबंधक सिविल, रेल विकास निगम लिमिटेड
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर एक नजर
- कुल लागत: 16216 करोड़ रुपये।
- वर्ष 2019 में शुरू हुआ कार्य, 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य था, जिसे दिसंबर 2028 तक बढ़ाया गया।
- कुल लंबाई 126 किमी, 105 किमी लाइन 16 सुरंगों से होकर गुजरेगी।
- सबसे लंबी सुंरग 14.08 किमी (देवप्रयाग से जनासू के बीच)।
- सबसे छोटी सुरंग 200 मीटर (सेवई से कर्णप्रयाग के बीच)।
- 11 सुरंगों की लंबाई छह किमी से अधिक।
- 13 सुरंग अब तक हो चुकी है ब्रेकथ्रू (आर-पार)।
- परियोजना के तहत बीरभद्र, योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, व्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर (चौरास), धारी देवी, रुद्रप्रयाग (सुमेरपुर), घोलतीर, गौचर व कर्णप्रयाग (सेवई) में 13 स्टेशन हैं।
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