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    बदरीनाथ से लौट रहे हेलीकॉप्टर की टिहरी में इमरजेंसी लैंडिंग, महिला पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

    Updated: Thu, 21 May 2026 05:13 AM (IST)

    टिहरी के जौनपुर क्षेत्र में बदरीनाथ से देहरादून जा रहे एक चार्टर हेलीकॉप्टर की तकनीकी समस्या के कारण इमरजेंसी लैंडिंग हुई। महिला पायलट अनुपमा चौधरी की ...और पढ़ें

    बदरीनाथ से लौट रहे हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग।

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    जागरण संवाददाता, नई टिहरी/नैनबाग। जनपद टिहरी के विकासखंड जौनपुर अंतर्गत पट्टी सकलाना के चम्बा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर से उड़ान के दौरान ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के एक चार्टर हेलीकॉप्टर में तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई। जिस पर पायलट को सत्यों-सकलाना क्षेत्र के नवागांव के खेतों में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।

    इस 6 1 सीटर हेलीकॉप्टर में पायलट सहित कुल छह यात्री सवार थे, जो सभी सुरक्षित हैं। जिला प्रशासन के अनुसार हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून की ओर जा रहा था। उड़ान के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आने से हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से को क्षति पहुंची थी।

    अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने ट्रांस एविएशन कंपनी के सीईओ सिद्धार्थ व कंपनी प्रतिनिधि सुधीर गुलाटी से वार्ता कर घटना की जानकारी प्राप्त की। जिसके आधार पर बताया गया कि चारधाम यात्रा रूट पर संचालित चौपर हेलीकॉप्टर ने बदरीनाथ से सुबह 7:53 बजे छह यात्रियों को लेकर देहरादून के लिए उड़ान भरी थी।

    लेकिन जनपद टिहरी के जौनपुर क्षेत्र अंतर्गत नवागांव-सत्यों के ऊपर से गुजरते समय हवा के अधिक प्रेशर के कारण सुबह करीब 8:45 बजे हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।

    बताया गया कि लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर हाईटेंशन लाइन के समीप पहुंच गया था। जिससे हेलिकाप्टर का पिछले रोटर का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ। लेकिन पायलट अनुपमा चौधरी ने सूझबूझ व सतर्कता का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को सुरक्षित रूप से सत्यों-सकलाना क्षेत्र के खेतों में उतार दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से पूरी तरह से टल गया।

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    घटना में पायलट सहित सभी यात्री पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। प्रशासन की ओर से तत्काल सभी यात्रियों को टैक्सी वाहनों के माध्यम से सुरक्षित देहरादून भेज दिया गया है। एडीएम ने बताया कि प्रशासन लगातार ट्रांस एविएशन कंपनी के संपर्क में है।

    हेलीकॉप्टर के रखरखाव व तकनीकी निरीक्षण के लिए कंपनी की मेंटेनेंस टीम को मौके पर बुलाया गया है। जबकि घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन व संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व राहत कार्य शुरू किया गया। क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्राथमिक जांच में सभी यात्री सुरक्षित पाए गए हैं।

    ये थे हेलीकॉप्टर में सवार

    इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हेलिकाप्टर में पायलट अनुपमा चौधरी (39) निवासी सी-503 जलवायु रावर्स, शताब्दी नगर, प्रतापुर, मेरठ, उत्तर प्रदेश सहित एक ही परिवार के यात्री साहिल सुरी (33) पुत्र राज सुरी, भूमि सुरी (29) पत्नी साहिल सुरी, राज सुरी (64), पारथ (32) पुत्र राज सुरी, हिमांशी पटेल (30) पत्नी पारथ पटेल व निष्का (12) सभी निवासी 1/33, पंजाबी बाग, नई दिल्ली मौजूद थे।

    स्थानीय लोगों का क्या है कहना

    सत्यों-सकलाना क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल का कहना है कि चारधाम यात्रा के लिए निरंतर चलाई जा रही हेलीसेवा से पहाड़ों को पर्यावरणीय नुकसान होता है। जिसका आंकलन नहीं किया जाता है।

    इसके साथ ही हेलीसेवा में लगे हेलीकॉप्टर की नियमित तकनीकी जांच को भी कहीं न कहीं नजर अंदाज किया जा रहा है। जिस पर कड़ी निगरानी की जरूरत है, क्योंकि इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान मौके पर काम कर रहे स्थानीय लोगों को भी खतरे का सामना करना पड़ सकता है।

    पहले भी सकलाना क्षेत्र में हुई है इमरजेंसी लैंडिंग

    पूर्व जिला पंचायत सदस्य अखिलेश उनियाल ने बताया कि वर्ष 2017 में सकलाना क्षेत्र के मंजगांव में एक हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। उस दौरान हेलीकॉप्टर में केवल पायलट मौजूद था। उस दौरान भी ईश्वर की कृपा से बड़ा हादसा होने से टल गया।

    हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बचा हेलीकॉप्टर 

    इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर वहां से गुजर रही 11000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। विद्युत लाइन की तारों में फंसने के बाद भी हेलीकॉप्टर में करंट दौड़ने जैसी घटना नहीं हुई।

    यदि लैंडिंग के दौरान ही हेलीकॉप्टर में करंट दौड़ जाता तो बड़ी दुर्घटना घट सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा हाेने से टल गया। वहीं, स्थानीय लोग इतने बड़े हादसे के टलने के पीछे के कारणों को मां सुरकंडा देवी की कृपा और चमत्कार मान रहे हैं।

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