टिहरी में खूंखार भालू का हमला, ग्राम प्रधान और फारेस्टर समेत तीन लोगों को किया घायल
चंबा-धरासू मोटर मार्ग पर सुल्याधार के पास एक खूंखार भालू ने ग्राम प्रधान युद्धवीर सिंह रावत, फारेस्टर अजयपाल पंवार और विनोद सिंह रावत पर हमला कर घायल ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, नई टिहरी। प्रदेश में वन्यजीवों के हमलों की लगातार घटना के बीच गुरुवार को टिहरी जिले के थौलधार ब्लाक में चंबा-धरासू मोटर मार्ग पर भालू ने फारेस्टर और प्रधान समेत तीन लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया।
यह घटना उस समय हुई जब तीनों वन विभाग की टीम के साथ कुछ दिन पूर्व महिला पर हमला करने वाले भालू की तलाश के लिए गश्त कर रहे थे।
इस हमले के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। वे घायलों को अस्पताल ले जाने के बाद डीएम कार्यालय ले गए और वहां जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए शाम को मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक की ओर से भालू को पकड़ने या मारने की अनुमति दे दी गई।

21 मार्च को जंगल में घास लेने गई नकोट, सोलंकी, सुल्याधार निवासी लक्ष्मी देवी (26) पर भालू ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
उसका ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में उपचार चल रहा है। भालू की गतिविधियों को देखने के लिए गुरुवार को सुल्याधार के नीचे थापली तोक में ग्राम प्रधान बेरगणी युद्धवीर सिंह रावत, फारेस्टर अजय पाल पंवार, विनोद सिंह रावत वन विभाग की टीम के साथ पहुंचे थे।
वहां तीनों पर भालू ने हमला कर दिया। तीनों भालू से काफी देर तक लड़े और उसे भगाने में कामयाब हुए, लेकिन भालू ने उनके शरीर पर नाखूनों से जख्म बना दिए।

इसके बाद ग्रामीण तीनों को कंडी और कंधों के सहारे सड़क तक लाए। साथ ही डीएम कार्यालय ले जाने पर जिला प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन किया।
मामला गंभीर होता देख सीएमओ डा. श्याम विजय स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सभी घायलों का उपचार किया। बाद में तीनों को जिला अस्पताल बौराड़ी ले जाया गया।
इसलिए भड़के ग्रामीण
भाजपा मंडल अध्यक्ष व पूर्व प्रधान ऋषिराम भट्ट ने कहा कि डीएफओ पुनीत तोमर को खतरे से अवगत कराया गया था, लेकिन उन्होंने लाठी-डंडों के सहारे ही टीम को मौके पर भेजा।
कलेक्ट्रेट में कई चरणों में बैठक
कलेक्ट्रेट कार्यालय में ग्रामीणों के आक्रोश और प्रदर्शन को देखते हुए डीएफओ पुनीत तोमर को बुलाया गया। उनके पहुंचने पर ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दी।
शाम को कलेक्ट्रेट परिसर में सीडीओ वरुणा अग्रवाल की मध्यस्ता में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बैठक में डीएफओ ने विभागीय स्तर पर हुई चूक के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगी।
सीडीओ ने बताया कि भालू को नष्ट करने के लिए उच्च स्तर से आदेश हो चुके हैं। जल्द ही वहां शूटर और अन्य स्टाफ भेजा जाएगा। ग्रामीणों ने जो आरोप लगाए हैं, उसके लिए एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है।