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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    टीए बिल और शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच हुई शुरू

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Mon, 23 Apr 2018 09:23 PM (IST)

    एक बार फिर एसआइटी ने स्वास्थ्य विभाग में टीए बिल और शिक्षा विभाग के शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच शुरू कर दी है। ...और पढ़ें

    टीए बिल और शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच हुई शुरू
    टीए बिल और शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच हुई शुरू

    रुद्रपुर, उधमसिंह नगर [जेएनएन]: एनएच मुआवजा घोटाले के बाद अब एक बार फिर एसआइटी ने स्वास्थ्य विभाग में टीए बिल और शिक्षा विभाग के शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच शुरू कर दी है। इससे पहले एसआइटी ने रविवार को जांच की रूपरेखा तैयार की। माना जा रहा है कि सोमवार से एसआइटी शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग से दस्तावेज एकत्र करने का काम शुरू करेगी। 

    बता दें कि स्वास्थ्य विभाग में 2015 में 81 लाख रुपये का भुगतान फर्जी बिलों से लिया गया था। साथ ही शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर 17 शिक्षकों की तैनाती की गई थी। इन दोनों ही मामलों में पूर्व में मुकदमा दर्ज हो चुका है। बीते दिनों एसएसपी ने इन मामलों की तह तक जाने के लिए सीओ स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया था। 

    इधर, एसआइटी ने जांच शुरू कर दी है। इसके लिए रविवार को एसएसपी कार्यालय में एसएसपी डॉ. सदानंद दाते के नेतृत्व में जांच की रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से घोटाले से जुड़े दस्तावेज लिए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोमवार से गठित एसआइटी दोनों मामलों से संबंधित दस्तावेज कब्जे में लेने का काम शुरू कर सकती है। 

    इसके तहत फर्जी बिल घोटाला व फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी प्राप्त करने का मामले की जांच होगी। जांच के लिए इलाहाबाद से दस्तावेज एकत्र होंगे और वाहनों की जांच की जाएगी। एसएसपी सदानंद दाते के अनुसार दोनों मामलों की जांच एसआइटी ने शुरू कर दी है। जल्द ही संबंधित विभागों से घोटाले से जुड़े दस्तावेज बरामद कर जांच आगे बढ़ेगी।

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