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    पंतनगर: हरित क्रांति की धरती से उठी नई कृषि क्रांति की हुंकार, ब्रेन 3.0 में एआई और डिजिटल खेती पर मंथन

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 05:52 PM (IST)

    पंतनगर विश्वविद्यालय में 'ब्रेन 3.0' कार्यशाला में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि के भविष्य, तकनीकी नव ...और पढ़ें

    गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में आयोजित कार्यशाला में बोलेते केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान।

    गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में आयोजित कार्यशाला में बोलेते केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान।

    HighLights

    1. केंद्रीय मंत्री चौहान ने पंतनगर को कृषि गौरवशाली केंद्र बताया।

    2. 'ब्रेन 3.0' में एआई, डिजिटल कृषि पर गहन मंथन हुआ।

    3. पंत विवि में आधुनिक डाटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी।

    संवाद सूत्र, पंतनगर। हरित क्रांति की जननी गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन एवं 'ब्रेन 3.0' कार्यशाला का शुक्रवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी तथा सांसद अजय भट्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

    कार्यक्रम में कृषि, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया तथा कृषि के भविष्य, तकनीकी नवाचार और विकसित भारत के निर्माण पर व्यापक मंथन हुआ।

    सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह पंतनगर किसी को धन्य करने नहीं, बल्कि स्वयं इस पावन भूमि पर आकर धन्य होने आए हैं।

    उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय भारतीय कृषि के इतिहास का गौरवशाली केंद्र है, जिसने देश को वैज्ञानिक, नीति निर्माता, कृषि उद्यमी और उत्कृष्ट मानव संसाधन प्रदान कर कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।

    उन्होंने कहा कि आज भारत लगभग 377 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है और देश के अन्न भंडार पूरी तरह भरे हुए हैं।

    चावल उत्पादन में भारत चीन को पीछे छोड़कर विश्व में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है, जबकि गेहूं उत्पादन में भी देश अधिशेष स्थिति में है। भारतीय गेहूं और बासमती चावल की मांग विश्वभर में बढ़ रही है। इन उपलब्धियों में पंतनगर विश्वविद्यालय का योगदान अविस्मरणीय है।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में जमीन से जुड़े रहना जरूरी है और पंतनगर में विद्यार्थियों तथा कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर उन्हें भारतीय कृषि के भविष्य को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि पंतनगर ने केवल डिग्रियां नहीं बांटीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व तैयार किए जिन्होंने देश की कृषि, उद्योग और नीति निर्माण को दिशा दी।

    उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, गिरता भूजल स्तर, मिट्टी के स्वास्थ्य में गिरावट और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग जैसी चुनौतियां कृषि के सामने खड़ी हैं।

    इन समस्याओं का समाधान वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और नई तकनीकों के माध्यम से ही संभव है। कृषि वैज्ञानिकों और विश्वविद्यालयों की भूमिका भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है। पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व डीन प्रो. एके मुखोपाध्याय को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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    चौहान ने की अपील - जन्मदिन पर एक पौधा जरूर लगाएं

    पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं। उन्होंने सभी लोगों से अपने जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब कृषि विकसित होगी और किसान समृद्ध होंगे।

    पंत विवि को हेरिटेज विवि घोषित किया जाए : गणेश जोशी

    कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य गठन के बाद कृषि भूमि का क्षेत्रफल कम हुआ है, लेकिन कृषि उत्पादन में लगभग तीन लाख टन की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश के चहुंमुखी विकास का उल्लेख करते हुए पंतनगर विश्वविद्यालय को हेरिटेज विश्वविद्यालय घोषित करने का आग्रह किया।

    विवि में तैयार हो रहा अति आधुनिक डाटा सेंटर : कुलपति कश्यप

    पंत विवि के कुलपति डा. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने कार्यक्रम में कहा कि वर्ष 1960 में स्थापित देश के पहले कृषि विश्वविद्यालय ने हरित क्रांति की नींव रखी थी और अब डिजिटल कृषि एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कृषि क्रांति का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

    उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में अतिआधुनिक डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में कार्य चल रहा है, जो देश के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कृषि और प्रौद्योगिकी के समन्वय से ही भविष्य की खेती संभव है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल एग्रीकल्चर और नियंत्रित परिस्थितियों में खेती जैसे क्षेत्रों में पंतनगर अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    कार्यक्रम में यह रहे मौजूद

    पंत विवि के दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन सांसद अजय भट्ट, रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, मंडी परिषद अध्यक्ष डा. अनिल कपूर डब्बू, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, सचिव डा. एस.एन. पांडे, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, कुलपति डा. एस.के. कश्यप, कुलसचिव दीपा विनय सहित बड़ी संख्या में पूर्व छात्र, वैज्ञानिक, अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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