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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तराखंड के इस जिले में कहर बरपा रहा बारिश का पानी, सर से छिनी छत; संकट में फंसी जान

    Updated: Tue, 09 Jul 2024 11:47 AM (IST)

    उत्तराखंड के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के कारण हाल बेहाल है। पिछले तीन दिनों से बारिश के पानी ने सीमांत क्षेत्र में ऐसा कहर बरपाया है कि ...और पढ़ें

    खटीमा के मेलाघाट के वन महोलिया में लोगों के घरों में घुसा जगबूढ़ा नदी का पानी। जागरण
    खटीमा के मेलाघाट के वन महोलिया में लोगों के घरों में घुसा जगबूढ़ा नदी का पानी। जागरण

    HighLights

    1. पहली बार देखा ऐसा मंजर, अब प्रशासन का ही सहारा
    2. संकट में फंसी जान, खाने-पीने के साथ ही छत भी छिनी

    जागरण संवाददाता, खटीमा।  सीमांत क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही वर्षा ने ऐसा कहर बरपाया है कि लोग सिहर गए हैं। अधिकतर लोगों के घरों में रखा सारा राशन, कपड़े व अन्य जरूरी सामान पानी की भेंट चढ़ गये हैं।

    एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व पुलिस टीमों ने पानी में फंसे लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया, लेकिन अब उनके समक्ष छत व खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि उन्होंने पहली बार ऐसा भयानक मंजर देखा है। वह लोग अब प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।

    लोगों के घरों में घुसा पानी

    वैसे तो क्षेत्र में शनिवार से बारिश हो रही है, लेकिन रविवार को दिन के साथ पूरी रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे खेतों व रास्तों पर भरा पानी लोगों के घरों में घुस गया। इससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों का सामान समेटते हुए रिश्तेदारों व पड़ोसियों के घरों में शरण लेने के लिए दौड़े, जबकि कुछ लोग घरों में ही कैद हो गए, जिन्हें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पुलिस टीमों ने सुरक्षित निकाला।

    पूरी रात लोग कुदरत के कहर से सहमे रहे। नदी-नालों के किनारे बसे लोगों ने पूरी रात दहशत में गुजारी, जिन्हें सोमवार सुबह सुरक्षित निकाला गया। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह का मंजर कभी नहीं देखा। पानी घरों में घुसने से उनके कपड़े, बिस्तर, सालभर का राशन सब कुछ भीग गया। वह घरों से बेघर होकर राहत शिविर में रह रहे हैं, जहां उन्हें कब तक रातें गुजारनी पड़ेगी, इसका कोई पता नहीं है।

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    पेड़ में बैठकर गुजारी रात

    ग्रामसभा भूड़ाकिसनी बनभूड़िया निवासी हरीश सिंह रविवार शाम घर के किसी कार्य से बाजार गया था। वापसी में वह कामन नदी में बह गया। किसी तरह उसने किनारे पर पेड़ पकड़कर जान बचाई। इसके बाद पूरी रात पेड़ पर बैठकर बिताई। सुबह जब गांव के लोग रूपा सिंह, हरीश गिरी, जीवन कार्की, धीरेंद्र राणा, लक्ष्मण चंद की उस पर नजर पड़ी तो उन्होंने रेस्क्यू कर हरीश सिंह की जान बचाई।

    पानी घुसने से दुकानों, मिलों में रखा खाद्यान्न खराब

    लगातार हो रही बारिश की वजह से दुकानों, सरकारी सस्ता-गल्ला की दुकानें, राइस मिलों में भी पानी घुस गया है, जिससे बाजार पिछले दो दिनों से बंद पड़ा है। दुकानों में पानी घुसने से दुकानदार काफी परेशान हैं। कई सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में पानी घुसने से वहां रखा गेहूं, चावल व नमक खराब हो गया है। नैनीताल आटो जोन, कृष्णा राइस मिल, ओंकार राइस मिल में भी पानी भरने से कई क्विंटल धान, गेहूं भीग गया है।

    चकरपुर में मां भगवती इंटरप्राइजेज के स्वामी कैलाश बिष्ट ने बताया कि बारिश से उनके स्टाक का रेता-बजरी बह गया।

    पानी भरने से दुग्ध संघ का प्लांट बंद, सप्लाई ठप

    कंजाबाग रोड स्थित दुग्ध संघ में बारिश का पानी घुसने से प्लांट बंद हो गया, जिससे नगर क्षेत्र में दूध की सप्लाई ठप हो गई। नतीजतन लोगों को काफी दिक्कतें हुईं। बाद में दुग्ध संघ प्रशासन ने लालकुआं से दूध की सप्लाई कर लोगों को राहत पहुंचाई।

    संचार व्यवस्था भी चरमराई

    बिजली सप्लाई ठप होने से सीमांत क्षेत्र में सोमवार सुबह से ही संचार व्यवस्था चरमरा गई, जो शाम तक पटरी पर नहीं आ सकी थी। क्षेत्र में बीएसएनएल के अलावा निजी कंपनी जियो, एयरटेल, वोडाफोन के सिग्नल आते-जाते रहे, जिस कारण लोगों के मोबाइल शो-पीस बन गए। लोगों का एक-दूसरे से संपर्क भी कट गया। काफी प्रयासों के बाद भी कनेक्टीविटी न होने से किसी से बात भी नहीं हो पा रही थी। इसका असर राहत व बचाव कार्य पर भी पड़ा।

    एसएसबी ने पानी में फंसे वन महोलिया के 25-30 परिवारों ने निकाला

    भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मेलाघाट के ग्राम वन महोलिया में सोमवार तड़के जगबूढ़ा नदी का पानी घुस गया, जिससे वहां बाढ़ के हालात पैदा हो गए। लोग घरों में ही कैद हो गए। प्रधान संतलाल ने इसकी सूचना सीमा पर तैनात एसएसबी को दी। इस पर 57वीं बटालियन के कमांडेंट मनोहर लाल के निर्देश पर सीमा चौकी सुंदरनगर के प्रभारी चमन लाल जवानों के साथ तत्काल गांव पहुंचे, जहां उन्होंने राहत व बचाव कार्य शुरू कराया।

    इससे पहले उन्होंने लोगों को सचेत किया एवं संयम बरतने की अपील की। इसके बाद पानी में फंसे 25-30 परिवारों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। साथ ही कैंप में खाना भी खिलाया।

    दोपहर बाद बारिश थमने पर घरों से बाहर निकले लोग खटीमा

    तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के बाद सोमवार दोपहर बाद आसमान साफ हो गया। बारिश थमने पर लोग घरों से बाहर निकले और एक-दूसरे की कुशलक्षेम पूछी। इसके बाद उन्होंने चोक नालियां खोलने के साथ ही पानी की निकासी कराई। साथ ही जगह-जगह पानी निकासी में जुटी पालिका की टीम का सहयोग किया।

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