रुद्रपुर किसान आंदोलन में सितारगंज के किसान के पास मिली शॉटगन, मचा हड़कंप
रुद्रपुर में किसान आंदोलन के दौरान एक किसान के पास लाइसेंसी पंपिंग गन मिलने से हड़कंप मच गया, जिसे पुलिस ...और पढ़ें

40 मिनट तक हाईवे की एक लेन बाधित। जागरण
HighLights
किसान आंदोलन में रुद्रपुर में मिली लाइसेंसी शॉटगन।
पुलिस ने सत्यापन के बाद किसान को चेतावनी देकर छोड़ा।
प्रशासन ने किसानों से वार्ता हेतु टीम का गठन किया।
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। किसानों के धरना-प्रदर्शन के दौरान एक किसान के पास पुलिस को पंपिंग गन (शाटगन) दिखाई दी। इसका पता चलते ही पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने उसे पकड़ लिया और पूछताछ की। इस दौरान उसने अपना नाम सितारगंज गोठा निवासी योगेंद्र सिंह बताया।
पूछताछ में योगेंद्र ने बताया कि वह किसान आंदोलन में शामिल होने आया था। उसके पास मौजूद लाइसेंसी पंपिंग गन भूलवश साथ आ गई। जिसके बाद पुलिस ने उसके सत्यापन की जांच की। सिडकुल चौकी प्रभारी हेमंत कठैत ने बताया कि पंपिंग गन का लाइसेंस सत्यापन करने के बाद किसान के माफी मांगने पर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
किसानों से बातचीत को सीडीओ के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम गठित
तीन दिवसीय किसान आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम बना दी गई है। जिसमें किसानों की मांगों से संबंधित विभागों के अधिकारियों को टीम में शामिल किया गया है।
सीडीओ शाशनी ने बताया कि किसानों से वार्ता के लिए प्रशासन हर समय तैयार है। एसडीएम किसानों से वार्ता के लिए निरंतर प्रयास भी कर रहे हैं। साथ ही किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।
40 मिनट तक हाईवे की एक लेन बाधित, सिडकुल से रूट किया वन वे
किसानों के प्रस्तावित कलक्ट्रेट कूच रोकने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन ने कलक्ट्रेट परिसर की ओर जाने वाले स्टेडियम रोड, आरटीओ रोड, एसएसपी कार्यालय, विकास भवन रोड समेत अन्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया था। उन्हें अंदर परिसर में प्रवेश न दिए जाने पर हाईवे के एक लेन पर ही धरना देकर बैठ गए, जिससे हल्द्वानी-रामपुर हाईवे पर लंबा जाम लग गया। बाद में पुलिस ने जैसे-तैसे किसानों और उनके वाहनों को हटाकर यातायात संचालन शुरू कराया।
करीब 40 मिनट तक हाईवे पर किसानों के धरने को देखते हुए पुलिस को यातायात व्यवस्था बनाने के लिए सिडकुल से एसएसपी कार्यालय तक हाईवे को वन वे करना पड़ा, तब जाकर यातायात संचालित हो सका।
एंबुलेंस और रोडवेज बस भी फंसी
हाईवे पर किसानों के धरना-प्रदर्शन के दौरान वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे हाईवे पर अन्य वाहनों के साथ एंबुलेंस और रोडवेज बसें भी फंस गईं। इस पर पुलिस ने रोडवेज बस को जैसे -तैसे निकाला। जबकि एंबुलेंस को भी पुलिस कर्मियों ने वन-वे किए गए हाईवे से निकाल आगे के लिए रवाना किया।
ड्रोन ने रखी हर गतिविधि पर नजर, वीडियोग्राफी कराई
भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर किसानों के कलक्ट्रेट कूच को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर पहले ही आ गया। किसानों के जुलूस, धरना -प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसी सतर्क रहीं। हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए पुलिस की एक टीम वीडियोग्राफी करती रही। जबकि ड्रोन से भी धरना स्थल पर पुलिस ने पैनी नजर रखी।
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धरना स्थल पर ही किसानों ने छका लंगर, एसडीएम ने पानी का टैंकर खड़ा कराया
कलक्ट्रेट के मुख्यद्वार पर धरना देकर बैठे किसानों ने काफी देर प्रदर्शन करने के बाद भोजन भी किया। एक ट्रैक्टर में खाना बनवाकर साथ लाए किसानों ने धरना स्थल पर ही पंक्ति में बैठकर भोजन किया। पहले कुछ किसानों ने खाना खाया और कुछ ने परोसा। खाना खाने के दौरान ही बारिश शुरू हो गई। लेकिन किसान धरना स्थल पर ही डटे रहे।
किसान ट्रैक्टरों में चूल्हा-बर्तन आदि भी लेकर आए हैं। एसडीएम मनीष बिष्ट ने गर्मी को देखते हुए धरना स्थल पर किसानों के लिए पानी मुहैया कराया, इसके लिए उन्होंने पानी का एक टैंकर मंगवा कर खड़ा करा दिया।
