रुद्रपुर में अवैध मदरसों पर बड़ा एक्शन, दस्तावेज नहीं मिलने पर जामियातुल हसनात भी सील
रुद्रपुर में जिला प्रशासन ने दो मदरसों, फैजुल मुस्तफा और जामियातुल हसनात, को बिना मान्यता और आवश्यक दस्तावेजों के संचालन ...और पढ़ें
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अवैध मदरसों पर एक्शन।
HighLights
रुद्रपुर में दो मदरसे बिना मान्यता के संचालित पाए गए।
प्रशासन ने फैजुल मुस्तफा और जामियातुल हसनात को सील किया।
उत्तराखंड में मदरसों के लिए नई मान्यता प्रक्रिया लागू है।
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। त्रिशूल चौक पर धामी सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले मौलाना मुफ्ती मुजीब के मदरसे पर जिला प्रशासन ने सोमवार को ताला डाल दिया। प्रशासन के अनुसार, मदरसा फैजुल मुस्तफा बिना अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की मान्यता के संचालित हो रहा था। इसके अलावा मान्यता संबंधी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मदरसा जामियातुल हसनात को भी सील कर दिया गया।
उत्तराखंड सरकार ने पूर्व में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है। अब मदरसों को प्राधिकरण के साथ ही उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से निर्धारित मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। इसी व्यवस्था के तहत जिले में संचालित मदरसों का सत्यापन और मान्यता की प्रक्रिया चल रही है।
उधम सिंह नगर जिले में कुल 118 मदरसे संचालित हैं। इनमें से पांच पहले ही बंद हो चुके हैं, जबकि करीब 60 मदरसों ने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। शेष मदरसों की ओर से मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं।
इधर, त्रिशूल चौक पर बयान देने वाले मौलाना मुफ्ती मुजीब जिस मदरसा फैजुल मुस्तफा में पढ़ाता था, उसी में प्राचार्य हैं। जांच में मदरसा मान्यता प्राप्त नहीं पाया गया, जिसके बाद उसे सील कर दिया गया। इसी तरह जाहिद राजा के मदरसा जामियातुल हसनात के पास भी मान्यता के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले। इसे भी सील किया गया है।
