रुद्रपुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने जताई हत्या की आशंका
रुद्रपुर के किरतपुर कोलड़ा में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई है। ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।
HighLights
रुद्रपुर में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
मायके वालों ने हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, रिपोर्ट का इंतजार
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। किरतपुर कोलड़ा में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामले में मृतका के मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार शव में अकड़न थी और मुंह तथा नाक से झाग निकल रहा था, हालांकि शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि होगी।
मुंह और नाक से निकल रहा था झाग
अल्मोड़ा जनपद के दन्या निवासी मोहन चंद भट्ट ने बताया कि तीन साल पहले उनकी 24 वर्षीय पुत्री मुन्नी का विवाह किरतपुर कोलड़ा निवासी हरीश पांडे के साथ विवाह हुआ था। बताया कि मंगलवार दोपहर एक बजे उनकी बेटी मुन्नी की ननद का फोन आया। इस दौरान उसने बताया कि मुन्नी की तबीयत खराब है और वह तत्काल पहुंचें। इस पर जब वह किरतपुर कोलड़ा स्थित ससुराल पहुंचे तो उनकी पुत्री मुन्नी की मृत्यु हो चुकी थी।
सूचना पर कोतवाल प्रकाश सिंह दानू पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घर के एक कमरे में मुन्नी का शव पड़ा मिला। पुलिस के अनुसार शव में अकड़न थी तथा मुंह और नाक से झाग निकल रहा था, हालांकि शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। ससुरालियों ने पूछताछ में बताया कि मंगलवार सुबह मुन्नी ने गले, सीने और पीठ में दर्द की शिकायत की थी।
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इसके बाद उसे दानपुर स्थित एक बंगाली क्लीनिक ले जाया गया, जहां दवाइयां और इंजेक्शन देने के बाद करीब दो घंटे तक भर्ती रखा गया। स्वास्थ्य में सुधार बताने पर उसे घर वापस ले आए। दोपहर बाद तबीयत फिर बिगड़ने पर उसे रुद्रपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान मृतका के पिता ने बेटी की मौत को लेकर संदेह व्यक्त करते हुए कार्रवाई की मांग की।
सीओ सिटी विभव सैनी ने बताया कि विवाह के सात वर्ष के भीतर हुई संदिग्ध मृत्यु के मामलों में मजिस्ट्रेट जांच अनिवार्य होने के कारण शव को मोर्चरी भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि होगी।