सितारगंज में विजिलेंस कार्रवाई के खिलाफ राजस्व कर्मचारी लामबंद, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
सितारगंज में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के विरोध में राजस्व कर्मचारी संगठन लामबंद हो गए हैं। ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, सितारगंज । तहसील में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारी संगठनों ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है।
उत्तराखंड संग्रह अमीन संघ, उत्तराखंड लेखपाल संघ और उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विजिलेंस की कार्रवाई को तथ्यों के विपरीत बताते हुए पूरे प्रकरण की संयुक्त समिति से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच पूरी होने से पहले कर्मचारियों के खिलाफ गिरफ्तारी या अन्य विधिक कार्रवाई की गई तो जिलेभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
सरकारी बकाया राशि की कर रहे थे वसूली
बुधवार अपराह्न करीब 3:45 बजे तहसील सितारगंज के वसूली कक्ष में संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा तथा सहायक राजस्व लेखाकार भूपेंद्र सिंह राणा राजस्व बकायेदार अवतार सिंह से सरकारी बकाया राशि की वसूली कर रहे थे। यह कार्रवाई सक्षम अधिकारी द्वारा जारी रिकवरी प्रमाणपत्र के आधार पर कलेक्शन मैनुअल के प्रावधानों के अनुरूप की जा रही थी।
इसी दौरान सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने मौके पर पहुंचकर वसूली की धनराशि को रिश्वत की रकम बताते हुए ट्रैप कार्रवाई कर दी। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि दोनों कर्मचारी पूरी तरह विभागीय कार्य कर रहे थे और सरकारी राजस्व की वसूली कर रहे थे। ज्ञापन में कहा गया है कि जिस व्यक्ति से वसूली की जा रही थी, उसके खिलाफ सितारगंज सहित विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
इसके बावजूद विजिलेंस टीम ने राजस्व वसूली की प्रक्रिया और कलेक्शन मैनुअल के नियमों की जानकारी के बिना जल्दबाजी में कार्रवाई कर दी। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि सरकारी वसूली को रिश्वत बताकर कर्मचारियों की छवि धूमिल की गई और उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया। संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समिति से कराई जाए।
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उनका कहना है कि जांच पूरी होने और आरोप सिद्ध होने तक संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ किसी प्रकार की गिरफ्तारी या अन्य विधिक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच से पहले कार्रवाई जारी रखी तो उत्तराखंड संग्रह अमीन संघ, उत्तराखंड लेखपाल संघ और उत्तराखंड कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ संयुक्त रूप से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।