उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क मामले में 11वीं गिरफ्तारी, अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद
एसटीएफ ने 'आपरेशन प्रहार' के तहत फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क के 11वें आरोपित फईम अहमद को काशीपुर से गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियार नेटवर्क से जुड़े 11वें आरोपित फईम अहमद को गिरफ्तार किया।

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संस जागरण, काशीपुर। एसटीएफ द्वारा चलाए जा रहे 'आपरेशन प्रहार' को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियार नेटवर्क से जुड़े 11वें आरोपित फईम अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से एक सेमी आटोमैटिक पिस्टल (.32 बोर) और नौ जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि टीम ने सटीक जानकारी के आधार पर दबिश देकर आरोपित फईम को काशीपुर से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपित ने शाहजहांपुर, यूपी के नाम से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। काशीपुर कोतवाली में इस संबंध में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी पंजीकृत है।
एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि इस सिंडिकेट से जुड़े किसी भी दोषी या दलाल को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने फर्जी लाइसेंस धारकों को चेतावनी दी है कि वे खुद हथियारों के साथ एसटीएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दें, अन्यथा कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वे ऐसे मामलों की गुप्त सूचना एसटीएफ को दें।
अब तक कार्रवाई
फर्जी लाइसेंस मामले में अब तक 11 आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं। इनके पास से 15 अवैध शस्त्र और 350 कारतूस सहित बड़ी संख्या में फर्जी लाइसेंस बरामद हुए है। साथ ही राज्य के अलग-अलग जिलों में तीन एफआइआर पंजीकृत हैं।
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यह रहे टीम में शामिल
टीम में निरीक्षक अरुण कुमार व एमपी सिंह, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी व प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल गोविंद बिष्ट व मोहित वर्मा, कांस्टेबल रवि बोरा, संजय कुमार, सुरेन्द्र कनवाल रहे।
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