सुखवंत की मौत ने बढ़ा दी थी तराई की सियासी तपिश, कोर्ट तक पहुंचा मामला
जमीन धोखाधड़ी से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले सुखवंत सिंह का मामला अब न्यायालय पहुंच गया है। इस प्रकरण ने तराई की सियासत में काफी हलचल मचाई थी, जिस ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, काशीपुर । जमीन धोखाधड़ी से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले ग्राम पैगा निवासी सुखवंत सिंह प्रकरण ने जनवरी व फरवरी के सर्द दिनों में तराई का सियासी पारा बढ़ा दिया था। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया। तत्कालीन एसएसपी तक को निशाने पर लिया। किसान संगठनों ने भी पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न उठाए।
काठगोदाम के एक होटल में आत्महत्या करने वाले सुखवंत ने जमीन धोखाधड़ी में पुलिस की निष्क्रियता से तंग आकर जान देने की बात कहते हुए वीडियो प्रसारित किया था। प्रकरण के बाद किसान यूनियनों ने कई बार आंदोलन का ऐलान हुआ। यद्यपि आंदोलन होने से पहले ही पुलिस व सरकार की ओर से जांच के दावे व निष्पक्षता की बात कहकर मामले को संभालने का प्रयास किया। बीच में कई बार स्वजन भी कहते रहे कि पुलिस से न्याय नहीं मिल रहा।
पुलिस सुनवाई नहीं कर रही। सरकार की ओर से समझाया जाता और भराेसा दिलाया जाता तो अगले दिन स्वजन पुलिस की जांच पर भरोसा होने की बात कहने लगते। तब कांग्रेस ने इसे सियासी मुद्दा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व भुवन कापड़ी ने कहा था कि एसएसपी के विरुद्ध प्राथमिकी होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद भरोसा दिलाया कि वह मामले में गंभीर हैं। प्रकरण की जांच को लेकर एसआइटी गठित की गई। काफी दिनों तक मामला बयानों को लेकर उलझा रहा। 79 दिनों तक चली जांच के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा है। स्वजन को उम्मीद है कि पुलिस कोर्ट में प्रभावी पैरवी करेगी और दोषियों को सजा दिलवाकर सुखवंत तो न्याय दिलाएगी।
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टाइमलाइन
- 10-11 जनवरी: सुखवंत सिंह ने वीडियो जारी किया और काठगोदाम के होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या की।
- 12 जनवरी: वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा, पुलिस ने 26 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी करते हुए एसआइटी गठित की।
- 14 जनवरी: मृतक की पत्नी ने पहले आत्महत्या की धमकी दी, फिर अगले ही दिन बयान बदलकर प्रशासन पर भरोसा जताया।
- 15 जनवरी: मामले की गंभीरता को देखते हुए 12 पुलिसकर्मियों को गढ़वाल रेंज में स्थानांतरित किया गया।
- 17 जनवरी: प्राथमिकी को काठगोदाम ट्रांसफर किया गया और एसआइटी ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
- 8 फरवरी: जमीन धोखाधड़ी मामले के मुख्य आरोपी जहीर को गिरफ्तार किया गया।
- 4 मार्च: प्राथमिक जांच के बाद एसआइटी की ओर से काशीपुर न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल।
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