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    सुखवंत आत्महत्या केस: एसआईटी ने 12 आरोपियों पर चार्जशीट दायर की, पूर्व थानाध्यक्ष रौतेला भी शामिल

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 07:58 AM (GMT+05:30)

    एसआईटी ने काशीपुर कोर्ट में सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में चार्जशीट दाखिल की है। भूमि धोखाधड़ी और पुलिस की कार्यप्रणाली से आहत होकर सुखवंत ने आत्महत् ...और पढ़ें

    सुखवत सिंह के काठगोदाम के होटल में गोली मारकर आत्महत्या का मामला. Concept Photo

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    जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। लैंड फ्राड और पुलिस की कार्यप्रणाली से आहत होकर काठगोदाम के होटल में गोली मारकर काशीपुर के सुखवंत सिंह के आत्महत्या मामले में जांच कर रही एसआईटी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष रौतेला समेत 12 आरोपितों के विरुद्ध
    ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट काशीपुर की अदालत में 29 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है। जिसमें 58 गवाह बनाए गए है। इसमें एक आरोपित के विरुद्ध आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, सात पर धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और चार पर सुखवंत को धमकाने के आरोप हैं।

    ग्राम पैगा काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने जमीन की धोखाधड़ी और पुलिस की कार्यप्रणाली से आहत होने का आरोप लगाते हुए 10-11 जनवरी 2026 की रात हल्द्वानी काठगोदाम के गौलापार स्थित एक होटल में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले सुखवंत ने इंटरनेट मीडिया में वीडियो भी प्रसारित किया था।

    मौके से पुलिस को सुसाइट नोट भी बरामद हुआ था। इसमें उसने तत्कालीन पुलिस अधिकारियों समेत कई लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। इस मामले में तत्कालीन एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने तत्कालीन आईटीआई कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला, एसआई प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया था। जबकि पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर कर दिया था।

    मामले में तब एसआइटी का गठन कर तत्कालीन एसपी क्राइम निहारिका तोमर को सौंपी गई थी। लेकिन पुलिस मुख्यालय स्तर पर जिले की एसआईटी से जांच हटाते हुए आईजी नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया था। साथ कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को मामले की मजिस्ट्रियल जांच सौंपी गई थी। इधर, मामले में कोतवाली आईटीआई में 26 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत किन्तु।

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    सूत्रों के मुताबिक, एसआइटी की 79 दिन की जांच के बाद 12 आरोपितों के विरुद्ध शनिवार को काशीपुर कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी है। इसमें एक के खिलाफ सुखवंत को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, 7 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और चार आरोपियों के खिलाफ सुखवंत को धमकाने के साक्ष्यों के साथ आरोप पत्र दायर किया गया है। जबकि आईपीएस सहित 12 अन्य के खिलाफ विवेचना जारी रहेगी।

    • 26 लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी पंजीकृत किया गया था। इनसे से 11 नामजद के साथ ही तत्कालीन कोतवाल आईटीआई के खिलाफ कुल 12 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल है।
    • विमल कुमार, आशीष चौहान उर्फ पटवारी, कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी, अमरजीत सिंह, जगपाल सिंह, गुरप्रेम सिंह, जहीर पर 108 (आत्महत्या के लिए प्रेरित करना), 318(4)- धोखाधड़ी, 352(2), 351(2)-धमकाना शामिल है।
    • तत्कालीन थानाध्यक्ष आईटीआई कोतवाली कुंदन सिंह रौतेला पर 108(आत्महत्या के लिए प्रेरित करना) और 352(2), 351(2)-धमकाना शामिल है।
    • बलवंत सिंह उर्फ काले, जगवीर सिंह उर्फ जगवीर राय, मनप्रीत सिंह, सुखवंत सिंह पन्नू पर 352/ 351(2)-धमकाना शामिल है।

    इनकी नहीं मिली कोई जानकारी

    देवेन्द्र, बिजेन्द्र और सत्येंद्र

    साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच

    रुद्रपुर। एसआईटी ने साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच भी कराई। जिसमें एसआईटी ने विवेचना के दौरान मृतक सुखवंत के मोबाइल फोन और फेसबुक में प्रसारित की गई वीडियो की फारेसिंक जांच भी कराई। वहीं सुखवंत की ओर से भेजे गए विभिन्न ई-मेल की वैज्ञानिक जांच भी कराई गई है।

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