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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दीपक मित्तल की कुंडली बांचने के लिए एसआइटी गठित, फ्लैट बेचने के नाम पर निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार

    Updated: Fri, 30 May 2025 04:42 PM (IST)

    निवेशकों को धोखा देने के आरोपी गैंगस्टर दीपक मित्तल की संपत्तियों की जांच के लिए गढ़वाल पुलिस ने SIT गठित की है। यह टीम मित्तल और उसके सहयोगियों द्वार ...और पढ़ें

    दीपक मित्तल व उसके सहयोगियों की ओर से अर्जित व बेची गई संपति की जानकारी जुटाएगी टीम। प्रतीकात्‍मक
    दीपक मित्तल व उसके सहयोगियों की ओर से अर्जित व बेची गई संपति की जानकारी जुटाएगी टीम। प्रतीकात्‍मक

    HighLights

    1. दीपक मित्तल की संपत्तियों की जांच
    2. एसआईटी का गठन
    3. पूर्व अधिकारियों की मिलीभगत की जांच

    जागरण संवाददाता, देहरादून। फ्लैट बेचने के नाम पर निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हुए गैंगस्टर दीपक मित्तल की कुंडली बांचने के लिए पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित कर दी है। आइजी ने आइपीएस अधिकारी की देखरेख में एसआइटी गठित की है जिसमें दो निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक व अन्य कर्मचारी शामिल किए गए हैं।

    आइजी को मित्तल के बारे में कई सूचना मिली हैं जिसमें एक यह भी है कि फरार व इनामी होने के बावजूद वह कुछ माह पहले दून घूमकर गया था। पुष्पांजलि इंफ्राटेक के प्रबंध निदेशक दीपक मित्तल के विरुद्ध राजपुर व डालनवाला कोतवाली में नौ मुकदमे व डालनवाला कोतवाली में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। जांच में इन मुकदमों के विवेचकों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा दीपक मित्तल व उसके सहयोगियों की ओर से अर्जित व बेची गई संपत्ति के खरीदने व बेचने संबंधी पूरी जांच की जाएगी।

    पुष्पांजलि इंफ्राटेक की देहरादून स्थित आर्किड पार्क परियोजना में 90 फ्लैट खरीदारों के 45 करोड़ रुपये हड़पकर फरार एक लाख रुपये के इनामी बिल्डर दीपक मित्तल ने अपनी संपत्ति कुछ रिश्तेदारों को बेची है, उसकी भी जांच करवाई जाएगी। गुरुवार को आइजी कार्यालय की ओर से कुछ पीड़ित (निवेशक) से भी पूछताछ की गई। केस में कुछ पूर्व अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है, इस संबंध में भी जांच की जा रही है।

    20 करोड़ रुपये के घर को महज पांच करोड़ में बेचा

    निवेशकों को करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले पुष्पांजलि इंफ्राटेक के प्रबंध निदेशक दीपक मित्तल ने दुबई भागने से पहले अपनी करोड़ों की संपत्ति अपने करीबियों के नाम कर दिया। दीपक मित्तल ने 15 ऐसी सेल डीड (विक्रय विलेख) अपने करीबियों को किया।

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    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जब केस के तह तक गई तो यह बात सामने आई। दो सेल डीड ऐसी भी हैं, जिनमें कुछ भी धनराशि का टोकन नहीं दिया गया है। फरार होने से पहले दीपक मित्तल ने राजपुर रोड स्थित अपने करीब 20 करोड़ रुपये के घर को महज पांच करोड़ रुपये में किसी करीबी को बेच दिया। शातिर ने घर को ईडी के अटैचमेंट से बचाने के लिए यह सब किया गया है।

    गहनता से जांच हुई तो मददगारों पर कस सकता है शिकंजा

    एसआइटी यदि गहनता से प्रकरण की जांच करती है तो कुछ मददगारों के नाम भी सामने आ सकते हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ अधिकारियों ने भी फ्लैट खरीदने के लिए दीपक मित्तल से सौदा किया था, लेकिन दीपक मित्तल के फरार होने के बाद अधिकारियों ने उसकी गिरफ्तारी के लिए दबाव डलवाया। इसके बाद जब दीपक मिलते देहरादून आया तो गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने इन अधिकारियों की रकम लौटाई।

    पुष्पांजलि इंफ्राटेक के प्रबंध निदेशक दीपक मित्तल व उसके सहयोगियों की ओर से अर्जित व बेची गई संपति के खरीदने व बेचने से प्राप्त होने वाली धनराशि के लाभार्थियों के संबंध में जानकारी के लिए आइपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआइटी गठित की गई है। एसआइटी को गहनता से प्रकरण की जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। - राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र