आखिर कहां 'गायब' हो गई नैनीताल की बबीता पांडे? अब एम्स ऋषिकेश सहित बड़े अस्पतालों में दस्तक देगी पुलिस
दयारा बुग्याल से रहस्यमय ढंग से लापता बबीता पांडे की तलाश में पुलिस अब एम्स ऋषिकेश सहित अन्य बड़े अस्पतालों में जांच करेगी। ...और पढ़ें

नैनीताल निवासी बबीता पांडे की फोटो।
HighLights
बबीता पांडे दयारा बुग्याल से 29 मई को लापता हुई
पुलिस अब एम्स ऋषिकेश सहित बड़े अस्पतालों में तलाशेगी
लापता बबीता के अपहरण का मामला दर्ज, खोजबीन जारी
जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल ट्रेक से रहस्यमय ढंग से लापता ग्राम चिल्किया नैनीताल निवासी बबीता पांडे की तलाश को अब पुलिस एम्स ऋषिकेश सहित अन्य बड़े अस्पतालों में दस्तक देगी।
बबीता की खोज में पुलिस की कुछ टीमें ऋषिकेश, देहरादून व हरिद्वार आदि मैदानी क्षेत्रों सहित अन्य जनपदों में भी गई थी, जो कि वापस लौट आई हैं, लेकिन उन्हें बबीता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके बाद अब बड़े अस्पतालों में जांच करने का निर्णय लिया गया है।
बीते 29 मई को चौबीस वर्षीय वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे अपने दो मित्रों (युवकों) के साथ दयारा बुग्याल ट्रेकिंग पर गई थी, जो कि 29 मई की मध्यरात्रि को ही रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। बबीता की गुमशुदगी को 40 दिन से अधिक का समय हो चुका है।
इस मामले में पुलिस अब नए सिरे से अस्पतालों में जांच करने की तैयारी कर रही है, ताकि बबीता के संबंध में कोई सुराग मिल सके।
बबीता के स्वजनों ने बबीता के अपहरण का भी शक जताया था, जिस पर बबीता के साथ गए दोनों युवकों पर अपहरण की धाराओं में भी केस दर्ज किया गया।
कुछ समय पूर्व पुलिस ने जांच के दायरे को बढ़ाते हुए ऋषिकेश, देहरादून व हरिद्वार आदि बड़े शहरों में भी पुलिस की टीमें उतारी थी, जिसमें करीब छह से सात सदस्य शामिल थे। लेकिन उनकी खोजबीन में भी बबीता के संबंध में कोई विशेष जानकारी नहीं मिल सकी है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब ऋषिकेश एम्स सहित दून मेडिकल कालेज आदि में भी पुलिस जांच करने की तैयारी कर रही है, जिसमें पिछले एक-डेढ़ महीने में अस्पताल में आए अज्ञात शवों सहित किसी भी तरह की असमान्य घटनाओं को जांच में शामिल किए जाने की संभावना है।
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जमीन-आसमान एक कर चुकी पुलिस
लापता बबीता की तलाश पुलिस ने जमीन आसमान एक कर चुकी है। अभी तक के प्रयासों की बात करें तो लापता होने की सूचना के बाद घटनास्थल दयारा बुग्याल के गोई बेस कैंप सहित आसपास के जंगली इलाके में करीब दस से अधिक दिनों तक गहन सर्च आपरेशन चलाया गया।
इस सर्च आपरेशन में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसओजी, वन विभाग की टीमों के अलावा आइटीबीपी व सेना के जवान भी उतरे।
ड्रोन कैमरों से भी जंगल को छाना गया। हेलीकाप्टर से भी करीब 35 मिनट तक सर्च आपरेशन चलाया गया। गोई झील में गोताखोर ने पड़ताल की।
बाद में झील को वाटर पंप से खाली कर भी देखा गया। इसके अलावा भालुओं के संभावित ठिकानों व काली गुफाओं में भी जांच एजेंसियों ने खोजबीन की।
इसके अलावा जगह-जगह बबीता के फोटो वाले पंफलेट भी बांटे गए। बावजूद इसके उसका कहीं कुछ पता नहीं चल सका है।
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