सफेद दाग की बीमारी से जुड़े मिथक जानें


By Farhan Khan29, Jun 2025 12:00 PMjagran.com

विटिलिगो बीमारी

विटिलिगो एक बीमारी है। इसे सफेद दाग की बीमारी के नाम से भी जाना जाता है। विटिलिगो एक तरह का ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है। जब मेलानोसाइट्स मर जाते हैं, तो चेहरे पर सफेद दाग होने लगते हैं।

विटिलिगो किस उम्र में आम है?

विटिलिगो किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 30 की उम्र से पहले यह ज्यादा आम है। कुछ लोगों में ये सफेद धब्बे शरीर के एक हिस्से में दिखाई देते हैं।

सफेद दाग की बीमारी से जुड़े मिथक

आज हम आपको सफेद दाग की बीमारी से जुड़े कुछ मिथक के बारे में बताएंगे, जिसके बारे में आपको जरूर जानना चाहिए। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।

विटिलिगो छूने से फैलना

विटिलिगो कभी भी छूने से नहीं फैलता क्योंकि यह कोई संक्रामक नहीं है और इसका हमें कोई वैज्ञानिक प्रमाण भी नहीं मिलता। आपको इसे मिथक ही मानना चाहिए।

मछली और दूध से विटिलिगो होना

अगर आप मछली और दूध एक साथ खाते हैं, तो इससे आपको विटिलिगो हो सकता है। यह महज एक मिथक ही है। यह एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, जो फूड कॉम्बिनेशन से नहीं होता।

सफेद दाग के चलते विटिलिगो होना

सभी सफेद दागों का कारण विटिलिगो नहीं होता। शरीर पर सफेद दाग होने की एक लंबी लिस्ट है। इन लिस्ट में जलने के निशान, कुष्ठ रोग और टिनिया वर्सिकलर आदि शामिल है।

साबुन के इस्तेमाल से विटिलिगो होना

बहुत ज्यादा साबुन का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन पर सफेद दाग नहीं होते। यह महज एक झूठ ही है क्योंकि विटिलिगो एक ऑटोइम्यून बीमारी है।

विटिलिगो से जुड़े मिथक की जानकारी

हम आशा करते हैं कि आपने विटिलिगो से जुड़े मिथक के बारे में जान लिया होगा। ऐसे में कभी भी इन मिथक पर भूल से भी भरोसा न करें। नहीं, तो आप मुसीबत में पड़ सकते हैं।

लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं। लाइफस्टाइल से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com