आज की खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान और ऑफिस के वर्क लोड के चलते अधिकतर लोग स्ट्रेस की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके चलते तमाम तरह के उपाय भी आजमाए जाते हैं।
आज हम आपको 2 ऐसे टेस्ट के बारे में बताएंगे, जो स्ट्रेस की कंडीशन से हमें आगाह करते हैं, ताकि आपको इससे संबंधित सही जानकारी हो सकें। आइए जाने।
यह टेस्ट आपकी आंतों में मौजूद बैक्टीरिया के संतुलन को बताता है। हमारी आंतों में गुड और बैड दो तरह के बैक्टीरिया पाए जाते हैं।
जब हम तनाव में होते हैं, तो अच्छे बैक्टीरिया कम होने लगते हैं और बुरे बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। ऐसे में आपको गट माइक्रोबायोम टेस्ट कराना चाहिए।
कॉर्टिसोल को स्ट्रेस हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है। यह हार्मोन संकट की स्थिति में शरीर को ऊर्जा और फोकस देता है, जो बेहद जरूरी भी माना जाता है।
जब स्ट्रेस हार्मोन लंबे समय तक असामान्य रूप से बढ़ा रहता है, तो इससे सेहत पर नेगेटिव असर पड़ता है। बढ़ा हुआ कॉर्टिसोल कई बार हड्डी को कमजोर बनाता है।
इन टेस्ट के अलावा आपको स्ट्रेस से राहत के लिए कुछ ऐसे फूड्स का सेवन करना चाहिए, जो आपको अंदर से खुश रख सकें। इस दौरान फास्ट फूड का सेवन न करें।
हेल्दी फूड्स के अलावा आप कुछ एक्सरसाइज भी अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकते हैं। मेडिटेशन आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है।
लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं। लाइफस्टाइल से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com