डिप्रेशन को दूर करने के लिए पढ़ें गीता के ये उपदेश


By Farhan Khan06, Jul 2023 04:34 PMjagran.com

डिप्रेशन

डिप्रेशन की समस्या आज बेहद आम है। कई बार डिप्रेशन के कारण मन में आत्महत्या तक के विचार आने लगते हैं।

गीता के उपदेश

अगर आप भी कभी कभी डिप्रेशन में चले जाते हैं तो ऐसे में गीता के ये उपदेश पढ़ सकते हैं।

मन पर काबू

गीता में बताया गया है कि जो व्यक्ति अपने मन पर काबू पा लेता है उसे दुनिया में कोई नहीं हरा सकता। वह व्यक्ति जल्द ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है।

क्रोध

क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। क्रोध के चलते ही लोग अक्सर गलत निर्णय ले लेते हैं और उन्हें बाद में पछताना पड़ता है।

बुद्धि का नाश

क्रोध के कारण बुद्धि का नाश हो जाता है और मनुष्य खुद अपना ही नाश कर बैठता है इसलिए क्रोध आने पर अपने आप को शांत रखना सीखें।

कर्म पर ध्यान

गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि व्यक्ति को अपने कर्म पर ध्यान लगाना चाहिए न कि फल की चिंता करनी चाहिए।

फल की इच्छा न कर

मनुष्य का अधिकार कर्म पर ही है, कर्म के फल पर नहीं। अगर आप सच्चे मन से अपना कर्म कर रहे हैं तो ईश्वर इसका फल जरूर देंगे।

स्वयं का आकलन

गीता में बताया गया है कि हमें स्वयं का आकलन करते रहना चाहिए। इससे हमें अपनी गलतियों से भी सीखने का मौका मिलता है और जीवन में सफलता मिलती है।

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