बंगाल: अमित शाह के सीमा सुरक्षा बैठक के दो दिन बाद नेपाल सीमा पर अफगान नागरिक गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बरामद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सीमा सुरक्षा बैठक के दो दिन बाद, नेपाल सीमा पर एक अफगान नागरिक फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया।

बंगाल में अफगानी नागरिक गिरफ्तार। (फोटो- जागरण।)
HighLights
अमित शाह की सीमा सुरक्षा बैठक के दो दिन बाद गिरफ्तारी।
नेपाल सीमा पर अफगान नागरिक फर्जी भारतीय दस्तावेजों संग गिरफ्तार।
सुरक्षा एजेंसियां फर्जी दस्तावेज नेटवर्क की गहन जांच में जुटीं।
जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। सिलीगुड़ी कॉरिडोर और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उच्चस्तरीय बैठक के ठीक दो दिन बाद नेपाल सीमा से सटे पानीटंकी इलाके में एक अफगान नागरिक की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मचा दिया है।
जानकारी मिली है कि इमिग्रेशन विभाग ने रविवार शाम को पानीटंकी इमिग्रेशन चेक पोस्ट पर अफगानिस्तान के नागरिक अब्दुल्ला खान को पकड़ा। आगे की कार्रवाई के लिए उसे दार्जिलिंग जिला पुलिस के खोरीबाड़ी थाना के हवाले कर दिया गया। इस घटना में अब्दुल्ला के भारतीय मित्र शंकर बनिक की गिरफ्तारी हुई है। दोनों नेपाल जाने की फिराक में थे।
फर्जी दस्तावेज बरामद
बताया गया है कि उसके पास से भारतीय नागरिकता से संबंधित फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और भारतीय पासपोर्ट शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में दस्तावेजों के फर्जी होने की बात सामने आई है। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुआ तथा उसके पास ये दस्तावेज कैसे पहुंचे।
22 अगस्त को हुई थी अमित शाह की बैठक
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अगस्त को सिलीगुड़ी में सीमा सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की थी। बैठक में सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा, भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की निगरानी तथा घुसपैठ और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के साथ मंथन किया था।
शाह ने संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया था। ऐसे में बैठक के महज दो दिन बाद नेपाल सीमा पर अफगान नागरिक का फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ पकड़ा जाना सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उसके भारत आने के उद्देश्य और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किसी नेटवर्क की भूमिका थी? इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
