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    ADR रिपोर्ट: 118 विधायक 50% से कम वोट शेयर पर जीते, पांच सीटों पर 1000 से कम वोटों से फैसला

    Updated: Fri, 29 May 2026 09:31 PM (IST)

    एडीआर रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 118 विधायक कुल वोटों के 50% से कम मतों पर जीते, जो 'फर्स्ट पास्ट द पोस्ट' प्रणाली का प्रभाव दर्शाता है। रिकॉ ...और पढ़ें

    बंगाल में 40 प्रतिशत वोट पाकर जीते हैं 118 विधायक (फाइल फोटो)

    बंगाल में 40 प्रतिशत वोट पाकर जीते हैं 118 विधायक (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. 118 विधायक 50% से कम वोट शेयर पर जीते।

    2. पांच सीटों पर जीत-हार का फैसला 1000 से कम वोटों से।

    3. रिकॉर्ड 93.7% मतदान, 4.94 लाख मतदाताओं ने नोटा चुना।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद आए आंकड़ों ने चुनावी लोकतंत्र की एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वाच की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के करीब 40 प्रतिशत विधायक ऐसे हैं, जिन्हें अपनी विधानसभा के कुल पड़े वोटों में से आधे वोट भी नसीब नहीं हुए।

    यानी 'पहले खंबा छूने' (फर्स्ट पास्ट द पोस्ट) की हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के सहारे 118 प्रत्याशी कुल मतदान का 50 प्रतिशत से कम वोट पाकर भी विधानसभा की दहलीज लांघने में कामयाब रहे। हालांकि, व्यापक तौर पर जनता की भागीदारी इस बार ऐतिहासिक रही और सूबे में 93.7 प्रतिशत का भारी-भरकम मतदान दर्ज किया गया, जो साल 2021 के 82.3 प्रतिशत के मुकाबले एक बड़ी छलांग है।

    इस बार का चुनावी मुकाबला कितना कड़ा और ध्रुवीकृत था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज पांच सीटों पर जीत-हार का फैसला 1000 से भी कम वोटों के अंतर से हुआ। इस कड़े मुकाबले के बीच आधी आबादी ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

    चुनाव में महिला विधायकों की भागेदारी

    चुनावी रण जीतने वाली सभी 37 महिला विधायकों ने 35 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर के साथ गरिमामयी जीत दर्ज की, जिसमें डबग्राम-फुलबारी से भाजपा की शिखा चटर्जी 66 प्रतिशत वोट शेयर और 39 प्रतिशत के भारी अंतर के साथ सबसे आगे रहीं।

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    दिलचस्प बात यह भी रही कि चुनाव में जनता के एक वर्ग ने किसी भी दल को तवज्जो नहीं दी और राज्य के कुल पड़े 6.37 करोड़ वोटों में से करीब 4.94 लाख मतदाताओं ने 'नोटा' का बटन दबाकर राजनीतिक दलों के प्रति अपनी खामोश नाराजगी दर्ज कराई।

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