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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बंगाल में नहीं थम रही रैगिंग, अब रविंद्र भारती यूनिवर्सिटी में छात्राएं बनीं शिकार; दो प्रोफेसर पर शिकायत दर्ज

    By Jagran NewsEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Fri, 01 Sep 2023 07:44 PM (IST)

    कोलकाता के रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के दो प्रोफसरों पर पांच छात्राओं से रैगिंग का आरोप लगा है। इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। इस संबंध में सिं ...और पढ़ें

    रवींद्र भारती के दो प्रोफसरों पर पांच छात्राओं से रैगिंग का आरोप। (फोटो- जागरण ग्राफिक्स)
    रवींद्र भारती के दो प्रोफसरों पर पांच छात्राओं से रैगिंग का आरोप। (फोटो- जागरण ग्राफिक्स)

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। जादवपुर विश्वविद्यालय में कथित रैगिंग से एक प्रथम वर्ष के छात्र की मौत के बाद मचे विवाद के बीच अब कोलकाता के रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के दो प्रोफसरों पर पांच छात्राओं से रैगिंग का आरोप लगा है। इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

    छात्राओं को मानसिक प्रताड़ना

    विश्वविद्यालय के अंतरिम कुलपति शुभ्रकमल मुखर्जी ने एंटी रैगिंग सेल को इस संबंध में तत्काल जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें ना केवल शारीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी प्रताड़ित किया गया है।

    पुलिस ने दर्ज की शिकायत

    इस संबंध में सिंथी थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है। पांचों छात्राएं हिंदी विभाग की हैं और इसी विभाग के दो प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।

    छात्राओं की शिकायत है कि उन्हें परीक्षा में फेल कर दिया गया। इसलिए वे प्रोफेसर से बात करने गईं। कथित तौर पर उस वक्त उनकी प्रोफेसर से बहस हो गई। तभी दो छात्र आए और उन्हें धक्का देकर वहां से भगा दिया।

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    छात्रा ने बदतमीजी का लगाया आरोप

    एक छात्रा ने आरोप लगाया कि उसके सीने में इतनी जोर से मुक्का मारा गया कि उसे विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में ले जाना पड़ा और ऑक्सीजन देनी पड़ी। आखिरकार पीड़ित छात्रा को एंबुलेंस से घर भेजने की व्यवस्था की गई। पांचों छात्राओं ने मामले की जानकारी कुलपति, रजिस्ट्रार और छात्र अधिष्ठाता को दी।

    प्रोफेसरों ने आरोपों से किया इनकार

    इधर, आरोपित प्रोफेसरों ने इस घटना से व्यावहारिक तौर पर इनकार किया है। उनमें से एक अंबर चौधरी ने दावा किया कि छात्राएं उनके घर आई थीं और उन्हें घेर लिया था। इसलिए उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। रैगिंग की कोई घटना नहीं हुई है। छात्राओं की शिकायत मिलने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।