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    'ममता सरकार के कारण बंगाल में अटकी कई रेल परियोजनाएं', रेल मंत्री ने टीएमसी को घेरा

    Updated: Sat, 07 Mar 2026 10:41 PM (IST)

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ममता बनर्जी सरकार पर पश्चिम बंगाल में हजारों करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को रोकने का आरोप लगाया है। ...और पढ़ें

    ममता सरकार के कारण बंगाल में अटकी कई रेल परियोजनाएं(फाइल फोटो)

    ममता सरकार के कारण बंगाल में अटकी कई रेल परियोजनाएं(फाइल फोटो)

    HighLights

    1. ममता सरकार के असहयोग से बंगाल की रेल परियोजनाएं अटकीं

    2. भूमि अधिग्रहण में बाधा के कारण हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट लंबित

    3. बंगाल के रेलवे विकास को 14,200 करोड़ रुपये का बजट

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए फिर दावा किया कि राज्य सरकार के असहयोग के कारण बंगाल में रेलवे की हजारों करोड़ रुपये की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं लंबित हैं।

    हुगली जिले के श्रीरामपुर में भाजपा की परिवर्तन यात्रा में शामिल हुए वैष्णव ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि रेल परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण में राज्य सरकार से जो सहयोग मिलना चाहिए वह बिल्कुल भी नहीं मिल रहा है।

    रेल मंत्री बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा एक मार्च से शुरू की गई परिवर्तन यात्रा में यहां शामिल हुए और शाम में एक जनसभा को भी संबोधित किया।

    बंगाल में रेलवे के विकास के लिए आम बजट का बड़ा हिस्सा

    रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंगाल में रेलवे के विकास के लिए इस बार के आम बजट में भी रिकार्ड 14,200 करोड़ रुपये का दिया है। साथ ही राज्य में रेलवे के विकास से जुड़ी 93,000 करोड़ की विभिन्न परियोजनाएं पहले से मंजूर हैं।

    उन्होंने निराशा जताई कि जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार से जो सहयोग जरूरी है, वह नहीं मिल रहा है। वैष्णव ने कहा कि बंगाल में रेलवे परियोजनाओं के लिए सिर्फ 27 प्रतिशत की जमीन अधिग्रहण है जबकि 73 प्रतिशत का अधिग्रहण नहीं हुआ है।

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    उन्होंने दावा किया कि इसके चलते बहुत सारी परियोजनाएं लंबित हैं। रेल मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के लगातार असहयोग के बावजूद बहुत ताकत लगाकर और कड़ी मेहनत करके रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर काम चल रहा है।

    2014 से पहले क्या थी स्थिति?

    उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में 2014 से पहले 40 वर्षों में कोलकाता मेट्रो की महज 27 किलोमीटर लाइनों का ही विस्तार हुआ। उन्होंने दावा किया कि 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद से बीते 11 वर्षों में कोलकाता में 45 किलोमीटर मेट्रो लाइनों का विस्तार हुआ है।

    रेल मंत्री ने इस दौरान उल्लेख किया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूरे बंगाल में इस समय 101 रेलवे स्टेशनों का नवनिर्माण हो रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस बार के बजट में बंगाल को नई समर्पित फ्रेट कारिडोर के साथ बुलेट ट्रेन भी मंजूर हुआ है। भविष्य में बुलेट ट्रेन सिलीगुड़ी को जोड़ेगी।

    रेल मंत्री ने आगे कहा कि बंगाल में नंदीग्राम से देशप्राण तक और तारकेश्वर से विष्णुपुर तक नई रेल लाइन के निर्माण में जमीन अधिग्रहण की रूकावट आ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी 10 से अधिक परियोजनाएं हैं जिसपर जमीन अधिग्रहण संबंधी समस्या के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।