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    तृणमूल में अंदरूनी कलह के बीच मुख्यमंत्री की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए 24 विधायक, ममता के करीबी भी रहे मौजूद

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 11:16 PM (IST)

    बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी कलह के बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक में 24 विधायक शामिल हुए। इसमें मम ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए 24 TMC विधायक। (आईएएनएस)

    मुख्यमंत्री की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए 24 TMC विधायक। (आईएएनएस)

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक में 24 TMC विधायक।

    2. बागी गुट के साथ ममता के करीबी नेता भी मौजूद।

    3. शुभेंदु ने पुलिस को विपक्षी विधायकों के फोन उठाने के निर्देश दिए।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह और टूट के बीच बुधवार को राज्य सचिवालय नवान्न में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित प्रशासनिक समीक्षा बैठक में पार्टी के 24 विधायकों ने हिस्सा लिया।

    तृणमूल के जिन प्रमुख विधायकों ने बैठक में भाग लिया, उनमें बागी गुट का नेतृत्व कर रहे ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और संदीपन साहा के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम, जावेद अहमद खान, कुणाल घोष, नयना बंद्योपाध्याय, अशोक देव समेत कई अन्य शामिल थे।

    इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में पिछले महीने हुए सत्ता परिवर्तन के बाद हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जबरदस्त असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। बैठक में कोलकाता और आसपास के तीन जिलों के जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) तथा भाजपा के विधायक भी उपस्थित रहे।

    इस बैठक से ठीक पहले दिन में ऋतब्रत बंद्योपाध्याय व संदीपन साहा के नेतृत्व में तृणमूल के अन्य असंतुष्ट विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और 58 विधायकों के हस्ताक्षर वाले समर्थन पत्र सौंपे। बागी गुट ने इसमें ऋतब्रत बंद्योपाध्याय को विपक्ष का नेता, जावेद खान, संदीपन साहा और शिउली साहा को उपनेता तथा रघुनाथगंज के विधायक अखरुज्जमां को मुख्य सचेतक के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया, जिसे कुछ घंटों के भीतर अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया।

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    दिलचस्प बात यह रही कि फिरहाद हकीम, नयना बंद्योपाध्याय, अशोक देव और कुणाल घोष सहित कालीघाट (ममता बनर्जी के आवास) खेमे से जुड़े कई नेताओं ने विधानसभा में हुई बागियों की बैठक से दूरी बनाए रखी, लेकिन वे मुख्यमंत्री शुभेंदु की प्रशासनिक बैठक में जरूर पहुंचे।

    इससे कुछ ही दिन पहले, वरिष्ठ तृणमूल सांसद काकोली घोष दस्तीदार और पार्टी के छह विधायकों ने कल्याणी में शुभेंदु अधिकारी द्वारा बुलाई गई प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया था, जिससे विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद विपक्षी खेमे के भीतर बदलते समीकरणों को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई थी।

    उल्लेखनीय है कि सोमवार को तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दो विधायकों- ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। दोनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में शोभनदेव चट्टोपाध्याय के नामांकन संबंधी प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर जाली तरीके से लगाए गए थे।

    विपक्षी दल के विधायकों के फोन पुलिस को उठाना होगा : शुभेंदु

    वहीं, प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस अधिकारियों व थानेदारों को निर्देश दिया कि यदि विपक्षी दल के कोई भी विधायक किसी समस्या को लेकर उन्हें फोन करते हैं तो इसे उठाना होगा। शुभेंदु ने स्पष्ट कहा कि पुलिस प्रशासन सत्ताधारी व विपक्षी विधायकों में कोई अंतर न करें, जैसा कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के दौरान किया जाता था।