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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बंगाल भर्ती घोटाला: घर पर ही उम्मीदवारों की सूची बनाते थे पार्थ चटर्जी, CBI के आरोपपत्र में खुलासा

    By Jagran NewsEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Thu, 17 Aug 2023 07:04 PM (IST)

    बंगाल के स्कूल भर्ती भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चट्टोपाध्याय घर पर ही उम्मीदवारों की सूची बनाते थे। इसके बाद इसे ...और पढ़ें

    सीबीआई का दावा-भर्ती भ्रष्टाचार मामले में पार्थ चट्टोपाध्याय घर पर ही उम्मीदवारों की सूची बनाते थे। (फाइल फोटो)
    सीबीआई का दावा-भर्ती भ्रष्टाचार मामले में पार्थ चट्टोपाध्याय घर पर ही उम्मीदवारों की सूची बनाते थे। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. ईडी ने पिछले साल 23 जुलाई को पार्थ को गिरफ्तार किया था।
    2. दावा है कि पूर्व मंत्री ने घर के नीचे ही ऑफिस बना लिया था।
    3. पार्थ चटर्जी ने जेल में सहायक के लिए जज से गुहार लगाई है।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के स्कूल भर्ती भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चट्टोपाध्याय घर पर ही उम्मीदवारों की सूची बनाते थे। इसके बाद इसे स्कूल शिक्षा आयोग के पास भेजा जाता था। सीबीआई ने भर्ती भ्रष्टाचार मामले में दाखिल अपने आरोपपत्र में यह दावा किया है।

    कब गिरफ्तार हुए थे पार्थ चट्टोपाध्याय?

    बता दें कि ईडी ने पिछले साल 23 जुलाई को पार्थ को गिरफ्तार किया था। भर्ती भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने इस दिन कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। सीबीआई के वकील ने दावा किया कि पार्थ कोलकाता के नाकतला स्थित अपने घर पर बैठकर स्कूलों में नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों की सूची बनाते थे।

    सीबीआई का दावा- घर से चलता था ऑफिस

    दावा है कि उन्होंने घर के नीचे ही ऑफिस बना लिया था। वहां से सूची स्कूल शिक्षा आयोग को भेजी जाती थी। पार्थ स्कूल शिक्षा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष सुबीरेश भट्टाचार्य को घर बुलाकर सूची देते थे। पूरी योजना को क्रियान्वित करने के लिए सुबीरेश को नियुक्त किया गया था।

    कोर्ट से पूर्व मंत्री की अपील

    वहीं, दूसरी ओर पार्थ चटर्जी ने जेल में सहायक के लिए जज से गुहार लगाई है। कोर्ट में उन्होंने कहा कि उनका शरीर ठीक नहीं रहता है। इसके लिए एक सहायक रखना बेहतर होगा। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यह जेल अधिकारियों द्वारा तय किया जाएगा।

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