ममता का 'M कार्ड' खत्म: HC के आदेश पर शुभेंदु सरकार का नया दांव; सरकारी नौकरियों के लिए बदला आरक्षण का गणित
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने ओबीसी आरक्षण नीति में बदलाव करते हुए इसे 7% कर दिया है और एक नया 100-सूत्रीय रोस्टर लागू किया है। ...और पढ़ें

ओबीसी आरक्षण पर बंगाल सरकार का नया दांव। (एएनआई)
HighLights
बंगाल सरकार ने ओबीसी आरक्षण को घटाकर 7% किया।
सरकारी नौकरियों के लिए नई 100-सूत्रीय रोस्टर नीति लागू।
ममता सरकार की मुस्लिम तुष्टीकरण नीति को रद्द किया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में वर्षों से चल रहे मुस्लिम तुष्टीकरण के खेल और नौकरियों में बहुसंख्यक ओबीसी वर्ग के हकों की डकैती पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने कानूनी और प्रशासनिक हथौड़ा चला दिया है।
राज्य के श्रम विभाग ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के ओबीसी आरक्षण से जुड़े विवादित और असंवैधानिक शासनादेश को पूरी तरह से रद करते हुए एक नई अधिसूचना जारी कर दी है।
ओबीसी आरक्षण पर बंगाल सरकार का नया दांव
इस नए आदेश के तहत अब राज्य की सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए केवल सात प्रतिशत आरक्षण लागू रहेगा। इसके साथ ही सरकार ने एक नया सौ सूत्रीय (100 प्वाइंट) रोस्टर भी जारी कर दिया है, जो तत्काल प्रभाव से सभी सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और निगमों में लागू होगा।
ममता सरकार का 'मुस्लिम कार्ड' ध्वस्त
दरअसल, पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार पर लंबे समय से ओबीसी आरक्षण की आड़ में बड़े पैमाने पर मुस्लिम तुष्टीकरण का खेल खेलने के आरोप लग रहे थे। तृणमूल सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए रातोंरात मुस्लिम की कई जातियों को ओबीसी सूची में शामिल कर दिया था, जिससे मूल हिंदू पिछड़े वर्ग के युवाओं के अधिकार छिन रहे थे।
पांच लाख फर्जी सर्टिफिकेट रद
इस विसंगति और तुष्टीकरण के खिलाफ जब मामला अदालत पहुंचा, तो कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता सरकार को करारा झटका देते हुए 2010 के बाद बने लगभग पांच लाख से अधिक ओबीसी प्रमाणपत्रों को अवैध घोषित करते हुए रद कर दिया था। अदालत ने साफ कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण का यह खेल असंवैधानिक है।
अब भाजपा सरकार ने उसी अदालती आदेश को अमलीजामा पहनाते हुए नया रोस्टर जारी किया है ताकि भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और संतुलन स्थापित किया जा सके। नई अधिसूचना के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, पूर्व सैनिकों और दिव्यांगों के लिए आरक्षण की विस्तृत व्यवस्था तय की गई है।
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ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ पदों में पूर्व सैनिकों के लिए विशेष प्रावधान रखे गए हैं, जबकि खेल प्रतिभाओं और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी अलग आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि नई रोस्टर प्रणाली संविधान और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है, ताकि भविष्य में नियुक्ति प्रक्रिया कानूनी विवादों में न फंसे।
सात प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का नया रोस्टर लागू
पूर्ववर्ती ममता सरकार ने मुस्लिम के अधिक जातियों को आरक्षण के दायर में लाने के लिए सूची बढ़ा दी थी। साथ ही दो श्रेणियों में बांट कर ओबीसी आरक्षण दिया जा रहा था। ए श्रेणी में शामिल जातियों को दस प्रतिशत और बी श्रेणी में शामिल जातियों को सात प्रतिशत आरक्षण दिया जाता था, यानी कुल 17 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था थी जिसे शुभेंदु सरकार ने फिलहाल सात प्रतिशत कर लागू कर दिया है।