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    तृणमूल नेता जहांगीर खान को कलकत्ता HC से झटका, हाई कोर्ट ने वापस ली अंतरिम कानूनी राहत

    Updated: Tue, 26 May 2026 09:31 PM (IST)

    कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल नेता जहांगीर खान को मिली सभी अंतरिम कानूनी राहतें वापस ले ली हैं। अब पुलिस उनके खिलाफ दर्ज मामलों में जांच और कार्रवाई कर ...और पढ़ें

    तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान

    तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान 

    HighLights

    1. कलकत्ता हाई कोर्ट ने जहांगीर खान की राहतें वापस लीं

    2. पुलिस अब उनके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच कर सकेगी

    3. यह निर्णय फलता चुनाव प्रक्रिया के बाद लिया गया

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट से तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उन्हें दी गईं सभी अंतरिम कानूनी राहत मंगलवार को वापस ले ली। कोर्ट ने कहा कि अब उनके विरुद्ध दर्ज मामलों में पुलिस जांच और कार्रवाई कर सकती है।

    मालूम हो कि जहांगीर के विरुद्ध वर्ष 2019 में दर्ज एक मामले में गत 18 मई को हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत दी थी, जिसकी अवधि बुधवार को समाप्त होने वाली थी। मंगलवार को फिर से यह मामला अदालत में उठा। सुबह सुनवाई के दौरान मामले से संबंधित अधिवक्ता मौजूद नहीं थे, जिसके बाद मामला नियमित पीठ में भेज दिया गया था।

    कलकत्ता हाई कोर्ट ने जहांगीर खान की राहतें वापस लीं

    फलता विधानसभा (विस) सीट से तृणमूल प्रत्याशी रहे जहांगीर को हाई कोर्ट से एक और मामले में भी अंतरिम राहत मिली हुई थी। मंगलवार को उस मामले पर भी सुनवाई हुई। राज्य पुलिस ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की।

    न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन ने कहा कि याचिकाकर्ता को केवल फलता में गत 21 मई को हुए चुनाव की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अस्थायी राहत दी गई थी। उन्होंने अपने विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी रद करने की मांग नहीं की थी।

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    ऐसे में राहत जारी रखने का कोई कारण नहीं बनता। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब पुलिस रिपोर्ट के अनुसार जांच आगे बढ़ सकती है तो फिर संरक्षण क्यों जारी रखा जाए। मामले में जहांगीर के अधिवक्ता किशोर दत्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।

    यह निर्णय फलता चुनाव प्रक्रिया के बाद लिया गया

    इसके बाद दोपहर में दोबारा सुनवाई हुई और अदालत ने राहत वापस लेने का आदेश दे दिया। अदालत सूत्रों के अनुसार, जहांगीर के विरुद्ध कुल सात प्राथमिकी दर्ज हैं।

    मालूम हो कि फलता में मतदान से 48 घंटे पहले जहांगीर ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी थी, तब तक नामांकन वापस लेने की अवधि समाप्त हो चुकी थी। उन्हें फलता में सात हजार से कुछ अधिक वोट मिले थे।

    डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से सांसद तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को जिस फलता विस क्षेत्र में 2024 के लोकसभा चुनाव में डेढ़ लाख से अधिक वोटों की बढ़त मिली थी। वहीं, इस बार तृणमूल प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई। जहांगीर खुद भी मतदान करने नहीं पहुंचे थे।