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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bengal : कलकत्ता हाई कोर्ट ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी की जांच में CID के ढुलमुल रवैये पर उठाया सवाल

    By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh Rajput
    Updated: Thu, 10 Aug 2023 06:54 PM (IST)

    विश्वजीत बसु ने अदालत में मौजूद सीआइडी अधिकारियों से कहा-आपपर भरोसा करके मामले की जांच का जिम्मा सीबीआइ को नहीं सौंपा था। आप क्या मेरे फैसले को गलत सा ...और पढ़ें

    न्यायाधीश ने सीआइडी के ढुलमुल रवैये पर कड़ी टिप्पणी की।
    न्यायाधीश ने सीआइडी के ढुलमुल रवैये पर कड़ी टिप्पणी की।

    HighLights

    1. न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने कहा-'काम नहीं करने पर उसका फल भुगतना होगा।'
    2. न्यायाधीश ने इस मामले में सीआइडी के डीआइजी को गुरुवार को अदालत में हाजिर होने को कहा था

    कोलकाता, राज्य ब्यूरो। कलकत्ता हाई कोर्ट ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी की जांच में सीआइडी के ढुलमुल रवैये पर सवाल उठाते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायाधीश विश्वजीत बसु ने गुरुवार को मामले पर सुनवाई के दौरान कहा-'काम नहीं करने पर उसका फल भुगतना होगा।'

    सीआइडी अधिकारियों से क्या कहा विश्वजीत बसु ने?

    विश्वजीत बसु ने अदालत में मौजूद सीआइडी अधिकारियों से कहा-'आपपर भरोसा करके मामले की जांच का जिम्मा सीबीआइ को नहीं सौंपा था। आप क्या मेरे फैसले को गलत साबित करना चाहते हैं?' उल्लेखनीय है कि मुर्शिदाबाद जिले के सूती इलाके के एक स्कूल के प्रधान शिक्षक पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपने बेटे को अपने स्कूल में नौकरी दिलाने का आरोप है।

    सात सदस्यीय विशेष जांच दल (सिट) का हुआ गठन

    न्यायाधीश ने इस मामले में सीआइडी के डीआइजी को गुरुवार को अदालत में हाजिर होने को कहा था लेकिन वे नहीं आए। इस मामले के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच दल (सिट) का गठन किया गया है, उसके तीन सदस्य भी अदालत में हाजिर नहीं थे। गौर करने वाली बात यह भी है कि सिट के सातों सदस्यों के नाम अब तक अदालत को नहीं बताए गए हैं, सिर्फ उनके पद का उल्लेख किया गया है।

    न्यायाधीश ने सीआइडी के ढुलमुल रवैये पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने आगे कहा कि अगली सुनवाई में सातों सदस्यों को अदालत में हाजिर होना होगा और अपने नाम व पद का उल्लेख करना होगा। जरुरत पड़ने पर अदालत प्रत्येक से अलग तौर पर जांच की प्रगति के बारे में पूछताछ भी कर सकती है।

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