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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बंगाल में TMC के खिलाफ मिलकर विस उपचुनाव लड़ेंगी कांग्रेस व माकपा, गठबंधन के बावजूद लिया गया यह फैसला

    By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh Rajput
    Updated: Thu, 10 Aug 2023 07:10 PM (IST)

    धूपगुड़ी सीट गत 25 जुलाई को भाजपा विधायक विष्णुपद राय के निधन के कारण रिक्त हुई है। विष्णुपद राय ने पिछले विस चुनाव में यहां अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी ...और पढ़ें

    दोनों दलों ने वहां भी सागरदीघी माडल के मुताबिक चुनाव लड़ने का मन बनाया है।
    दोनों दलों ने वहां भी सागरदीघी माडल के मुताबिक चुनाव लड़ने का मन बनाया है।

    HighLights

    1. धूपगुड़ी सीट गत 25 जुलाई को भाजपा विधायक विष्णुपद राय के निधन के कारण रिक्त हुई है
    2. धूपगुड़ी विस उपचुनाव में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा करके माकपा प्रत्याशी का समर्थन करने का किया फैसला

    कोलकाता, राज्य ब्यूरो। कांग्रेस, तृणमूल व माकपा राष्ट्रीय स्तर पर भले भाजपा के विरुद्ध 'आइएनडीआइए' गठबंधन के तहत एकजुट हुई हों, लेकिन बंगाल में कांग्रेस व माकपा तृणमूल का विरोध जारी रखेगी। इसी रणनीति के तहत दोनों दलों ने आगामी पांच सितंबर को जलपाईगुड़ी जिले की धूपगुड़ी विधानसभा (विस) सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में तृणमूल के विरुद्ध साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है।

    क्या कहा अधीर रंजन चौधरी ने ?

    दोनों दलों ने वहां भी सागरदीघी माडल के मुताबिक चुनाव लड़ने का मन बनाया है। सागरदीघी विस उपचुनाव में माकपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारकर कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन किया था। अब धूपगुड़ी विस उपचुनाव में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा करके माकपा प्रत्याशी का समर्थन करने का फैसला किया है। बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने तो यहां तक कह दिया है कि जरूरत पड़ने पर वे माकपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार भी करेंगे। बंगाल में उनकी लड़ाई तृणमूल व भाजपा के विरुद्ध है, जो जारी रहेगी।

    माकपा ने भाजपा का किया समर्थन

    धूपगुड़ी सीट गत 25 जुलाई को भाजपा विधायक विष्णुपद राय के निधन के कारण रिक्त हुई है। विष्णुपद राय ने पिछले विस चुनाव में यहां अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी तृणमूल की मिताली राय को 4,355 वोटों के अंतर से हराया था।

    दूसरी तरफ पंचायतों में बोर्ड गठन में भी कांग्रेस और माकपा यही रणनीति अपना रही है बल्कि कुछ पंचायतों में तृणमूल को रोकने के लिए माकपा ने भाजपा तक का समर्थन किया है। नदिया जिले की रुईपुकुर पंचायत में माकपा व भाजपा ने मिलकर बोर्ड का गठन किया है। वहीं इसी जिले के कृष्णानगर-1 ब्लाक की भीमपुर पंचायत में भाजपा ने माकपा व आइएसएफ के समर्थन से बोर्ड गठित किया है।

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