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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bengal: धूपगुड़ी विधानसभा उपचुनाव में विपक्षी गठबंधन की एकजुटता की परीक्षा, आमने-सामने होंगी पार्टियां

    By Jagran NewsEdited By: Sonu Gupta
    Updated: Sun, 03 Sep 2023 06:55 PM (IST)

    विपक्षी दलों के गठबंधन आइएनडीआइए का घटक दल तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस- माकपा गठजोड़ भाजपा से उत्तर बंगाल की धूपगुड़ी विधानसभा सीट को छीनने के लिए एक- ...और पढ़ें

    गठबंधन आइएनडीआइए को बंगाल के धूपगुड़ी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में परीक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
    गठबंधन आइएनडीआइए को बंगाल के धूपगुड़ी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में परीक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

    HighLights

    1. तृणमूल और कांग्रेस- माकपा गठजोड़ एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे चुनाव
    2. आइएनडीआइए गठबंधन के लिए परीक्षा है धूपगुड़ी विधानसभा उपचुनाव

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के गठबंधन आइएनडीआइए को बंगाल के धूपगुड़ी विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में महत्वपूर्ण परीक्षा का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि इसके अहम घटक तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस- माकपा गठजोड़, भाजपा से उत्तर बंगाल की इस ग्रामीण सीट को छीनने के लिए एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं।

    राजनीतिक दलों के लिए परीक्षा की तरह है उपचुनाव

    पांच सितंबर को होने वाला उपचुनाव तीनों राजनीतिक दलों के लिए परीक्षा की तरह है, जिसमें भाजपा को अपने वोट प्रतिशत में गिरावट को रोकने और सीट बरकरार रखने की उम्मीद है। वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल का लक्ष्य आदिवासी बहुल इस विधानसभा क्षेत्र पर फिर से कब्जा करना है, जबकि माकपा-कांग्रेस गठबंधन को अपनी पारंपरिक सीट दोबारा हासिल करने की उम्मीद है।

    भाजपा विधायक विष्णुपद राय से सीट हुआ है खाली

    जुलाई में भाजपा विधायक विष्णुपद राय के निधन के बाद यहां उपचुनाव जरूरी हो गया था। चाय बागानों के लिए प्रसिद्ध जलपाईगुड़ी जिले की यह सीट कृषकों का क्षेत्र है, जहां राजबंशी और मतुआ समुदायों की काफी आबादी है, जिन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट दिया था। इस निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 15 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी भी है।

    माकपा और कांग्रेस ने की विशाल रैली

    माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने हाल में धूपगुड़ी में एक विशाल रैली की, जिसमें दोनों नेताओं ने तृणमूल और भाजपा दोनों पर निशाना साधा, जबकि उनका केंद्रीय नेतृत्व 2024 के लोकसभा चुनाव में भगवा खेमे को हराने की रणनीति पर चर्चा के लिए मुंबई में आइएनडीआइए गठबंधन की तीसरी बैठक में तृणमूल और अन्य भाजपा-विरोधी पार्टियों के साथ विचार-मंथन कर रहा था।

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    आइएनडीआइए खेमे में अंदरूनी मतभेद

    माकपा, कांग्रेस और तृणमूल ने इसे स्थानीय चुनाव करार देते हुए कहा कि इससे विपक्षी एकता के प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ा है। वहीं, भाजपा आइएनडीआइए खेमे में अंदरूनी मतभेद की ओर इशारा कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह एक स्थानीय चुनाव है और इसका विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए से कोई लेना-देना नहीं है। स्थानीय स्तर पर हम अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

    माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने टीएमसी पर साधा निशाना

    माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि बंगाल में लड़ाई सांप्रदायिक भाजपा और तृणमूल के कुशासन दोनों के खिलाफ है और धूपगुड़ी में लड़ाई, जो 1977-2011 तक वामपंथ का गढ़ रहा है, कोई अपवाद नहीं है। माकपा ने पेशे से शिक्षक ईश्वर चंद्र राय को इस सीट से मैदान में उतारा है, जिन्हें कांग्रेस का समर्थन है। हालांकि तृणमूल नेतृत्व, जिसने कई बार माकपा और कांग्रेस पर बंगाल में विपक्षी भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया था, ने आइएनडीआइए गठबंधन में फूट के भाजपा के आरोपों को खारिज किया है।

    धूपगुड़ी उपचुनाव का विपक्षी गठबंधन पर नहीं पड़ेगा असर

    तृणमूल के राज्यसभा सदस्य शांतनु सेन ने कहा कि धूपगुड़ी में जो कुछ हो रहा है, उसका राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए के प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ा है। लेकिन यह सच है कि बंगाल में कई बार माकपा और कांग्रेस की भूमिका भाजपा की मदद करने वाली रही है। हम भाजपा के खिलाफ अपनी लड़ाई में दृढ़ हैं।

    मालूम हो कि तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी इलाके में चुनाव अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। तृणमूल ने इस सीट से प्रोफेसर निर्मल चंद्र राय को मैदान में उतारा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि विपक्षी गुट के आगे बढऩे से पहले ही इसमें दरारें दिख रही हैं। संयोग से उपचुनाव के दो दिन पहले रविवार को धूपगुड़ी से पूर्व तृणमूल विधायक मिताली राय पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं।

    भाजपा से मिल रही कड़ी चुनौती

    पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 45.65 प्रतिशत वोट हासिल कर यह सीट जीती थी, जबकि तृणमूल को 43.5 फीसदी वोट मिले थे। भाजपा ने इस बार इस सीट से कुछ साल पहले पुलवामा आतंकी हमले में बलिदान हुए सीआरपीएफ के जवान की पत्नी तापसी राय को मैदान में उतारा है, जिनसे तृणमूल एवं माकपा-कांग्रेस को कड़ी टक्कर मिल रही है।

    भाजपा के प्रचार अभियान का नेतृत्व कर रहे नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने लोगों से तृणमूल के कुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट करने की अपील की है।